सतना जिले के नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए चर्चित गोलीकांड के चार दिन बाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने पहली बार मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है।

बाबा राजा का दावा- सास के आरोप झूठे, वो घटनास्थल पर नहीं थीं।
उन्होंने घटना के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई थी। इसी दौरान उनकी वर्किंग पार्टनर सुनीता सिंह ने डिफेंस में फायरिंग की।
उन्होंने पत्नी योगिता सिंह की मां के आरोपों को खारिज करते हुए सुनीता सिंह को अपनी वर्किंग पार्टनर बताया। दैनिक भास्कर से बातचीत में बाबा राजा ने घटना और उससे जुड़े विवादों पर विस्तार से अपनी बात रखी। पढ़िए, बाबा राजा से बातचीत के प्रमुख अंश…
रिपोर्टर: 11 जून की दोपहर परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था?
बाबा राजा: दोपहर करीब 3:30 बजे मैं गढ़ी के पोर्च में बैठकर फार्महाउस का काम देख रहा था, तभी मेरी पत्नी योगिता, मेरा इकलौता बेटा, बड़े साले और उनके साथ 2-4 लोग गाली-गलौज करते हुए आए। मैंने सिर्फ इतना कहा कि बैठकर बात कर लेते हैं, तभी मुझे धक्का दिया गया। मेरा सिर टेबल से टकरा दिया। मेरा चश्मा टूट गया। मुझे धुंधला दिखने लगा।
इसके बाद बड़े साले ने मुझे कॉरिडोर में धकेल कर मारपीट शुरू कर दी। मैंने बेटे से भी कहा कि बात करो, लेकिन वे लोग गालियां देते हुए मारपीट करते रहे। परिवार की फोटो फ्रेम और झूमर मेरे ऊपर फेंकी। कांच लगने से शरीर पर कई जगह घाव हो गए। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा अपना परिवार मेरे साथ ऐसा करेगा।
रिपोर्टर: सुनीता सिंह ने गोली चलाई, यह नौबत कैसे आई?
बाबा राजा: सुनीता मेरे पेट्रोल पंप की मैनेजर और वर्किंग पार्टनर हैं। घटना के समय वह घर के अंदर थीं और खाना खाने आई थीं। शोर सुनकर बाहर आईं तो मैंने उन्हें वापस अंदर जाने को कहा। उन्होंने खुद को दूसरे हिस्से में बंद कर लिया था, लेकिन उन्हें भी गालियां और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।
इसी बीच मेरे बड़े साले ने मेरे दादा की मोटे कांच वाली फोटो फ्रेम मेरे सिर पर मार दी, जिससे खून बहने लगा। मेरी आंखों के सामने धुंध छाने लगी, तब सुनीता ने कहा कि अगर मारपीट नहीं रुकी तो वह अपने और मेरे डिफेंस में गोली चला देंगी।
उन्होंने डराने के लिए दीवार की तरफ 3-4 फायर किए। एक गोली दीवार से टकराकर मेरी पत्नी योगिता के पेट में लग गई। उनका किसी को मारने का इरादा नहीं था।

रिपोर्टर: गोली लगने के बाद क्या हुआ?
बाबा राजा: गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग योगिता को लेकर चले गए। उन्हें किन-किन अस्पतालों में ले जाया गया? इलाज कैसे हुआ? मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
रिपोर्टर: आपकी सास का दावा है कि उन्होंने पूरी घटना देखी है?
बाबा राजा: मेरी सास मीडिया में जो बयान दे रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने कौन सी आंखों से देखा है, क्योंकि घटना के समय न तो वह कैंपस के अंदर थीं और न ही मेरे ससुर। इसलिए उनके आरोपों का कोई आधार नहीं है।
रिपोर्टर: आपके और योगिता सिंह के बीच विवाद की असली वजह क्या है?
बाबा राजा: इसकी सही वजह तो वही बता सकती हैं। मेरी समझ में कोई ठोस कारण नहीं आता। उनकी तरफ से हमेशा एक ही बात कही जाती है सुनीता सिंह, जबकि सुनीता मेरे साथ काम करती हैं। हमारे एनजीओ और अन्य कामों में उनकी भागीदारी है। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है। इसी वजह से वह मेरे साथ रहती हैं।
रिपोर्टर: सुनीता सिंह के साथ आपके संबंधों को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। आप क्या कहना चाहेंगे?
बाबा राजा: कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि कोई उन्हें मेरी दूसरी पत्नी बता रहा है। कोई गर्लफ्रेंड कह रहा है। यह किसी महिला के प्रति अशोभनीय बात है। मैं समाज और मीडिया से कहना चाहता हूं कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वास्तविकता जान लेना चाहिए। सुनीता मेरी वर्किंग पार्टनर हैं। मैं इस विषय पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।
बता दें कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में नागौद राजघराने की बहू योगिता सिंह को गोली मारने बात सामने आई थी। उन्हें गंभीर हालत में रीवा के विंध्या मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायरिंग करने का आरोप सुनीता परिहार नाम की महिला पर है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।