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इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल को बुधवार सुबह पकड़ा था। उनके घर पर पांच घंटे से अधिक समय तक तलाशी चली। जांच में उनकी पत्नी शारदा, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर संपत्तियां और निवेश मिले। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में बताई गई है।
यह संपत्ति कंडवाल की ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। हालांकि, कंडवाल के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने नौकरी के दौरान सूदखोरी का काम भी किया। अपने बेटे अभिषेक के नाम से उन्होंने छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए और बाद में उनमें कोर्ट में समझौता भी किया।
अभिषेक ने वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ करीब छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए थे। इनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में समझौता हुआ था। हालांकि, सभी चेक केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए गए थे। चूंकि बाद में इस मामले में रुपए लेकर अभिषेक ने समझौता कर लिया था, इसलिए लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जिस समय अभिषेक और रमेश मलकानी के बीच यह लेनदेन हुआ, उस समय वह पढ़ाई कर रहा था। ऐसे में पढ़ाई के दौरान उसके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपनी ही संपत्ति से अभिषेक को रुपए देकर इस प्रॉपर्टी संबंधी काम में लगाया था। हालांकि, अब लोकायुक्त की टीम बच्चों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी जांच कर सकती है।

कंडवाल ने 1986 में शुरू की थी नौकरी
कंडवाल ने वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे महिला एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए संयुक्त संचालक बने।
हालांकि, कंडवाल के पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इस व्यवसाय में करीब 35.73 लाख रुपए के निवेश की जानकारी मिली थी, लेकिन लोकायुक्त को कोर्ट में संपत्ति संबंधी मामलों, चेक बाउंस प्रकरणों और समझौते में प्राप्त राशि के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी।

नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल
कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है।लोकायुक्त की टीम ने कंडवाल के जिम पर भी छापा मारा।
नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल
कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है।
