वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा बना चर्चा का विषय: श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का, पाक गेंदबाज को जूता दिखा चुके; क्या करियर का दुश्मन बनेगा यह आक्रामक रवैया?

31 मई को विराट कोहली ने वैभव सूर्यवंशी के कंधे पर हाथ रखकर एक बात कही थी- ‘परवाह मत करो, कौन क्या कहता है।’ 2 हफ्ते बाद ही वैभव ये नसीहत भूल गए। 15 जून को श्रीलंकाई खिलाड़ी ने ताना मारा, तो वैभव भिड़ गए और उसे धक्का दे दिया। पहले भी वैभव मैदान पर गुस्सा करते दिखे हैं।

भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान की

क्लास-A टीमों के बीच 50 ओवर की ट्राई सीरीज जारी है। 15 जून को सुपर ओवर तक गए चौथे मैच में श्रीलंका ने भारत को हराया। इसके बाद ये पूरा विवाद हुआ..सुपर ओवर में इंडिया-A को 17 रन का टारेगट मिला। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज कुगाथास मथुलन की आखिरी 3 गेंदों में वैभव सिर्फ 6 रन बना पाए और भारत 8 रन से मैच हार गया।पिच के पास आकर सेलिब्रेट कर रहे श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने पवेलियन लौटते वैभव को ताना मारा।

अंग्रेजी अखबार ‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक, मथुलन ने वैभव से कहा, ‘ये IPL नहीं है।’ फिर श्रीलंकाई ऑलराउंडर विशेन हलाम्बेज ने कहा, ‘मैच ओवर, अब तुम अपने घर जाओ।’गुस्साए वैभव पलटकर मथुलन से कहासुनी करने लगे। उन्होंने हलाम्बेज को धक्का दिया। श्रीलंकाई विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने दोनों को अलग किया।पवेलियन जाते हुए भी वैभव श्रीलंकाई खिलाड़ियों

मैच के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बेज से धक्का-मुक्की करते वैभव।

दरअसल, इस मैच की शुरुआत से ही स्थितियां तनावपूर्ण होने लगी थीं। भारतीय बैटर विपराज निगम के पिच पर दौड़ने की वजह से अंपायर ने भारत पर 10 रन की पेनाल्टी लगा दी। अंधेरा हो रहा था, इसके बावजूद श्रीलंकाई बल्लेबाज क्रीज पर देरी से आए। एक नो बॉल को लेकर भी विवाद हुआ था।

भारतीय स्पिनर आर. अश्विन X पर लिखते हैं, ‘इन मैचों में IPL जितने कैमरे नहीं होते। नो-बॉल का फैसला विवादित था और श्रीलंकाई टीम के देर करने से भी भारतीय टीम नाराज थी। श्रीलंका ने भारतीय टीम पर मानसिक दबाव की स्ट्रैटेजी और माइंड गेम के तहत ये किया।’

सुपर ओवर शुरू होते अंधेरा होने लगा था। श्रीलंकाई खिलाड़ी बैटिंग के लिए ज्यादा समय ले रहे थे। इसके चलते भारतीय कप्तान तिलक वर्मा ने अंपायर के साथ बहस भी की।

सवाल-2: इस धक्का-मुक्की में किसकी गलती थी, क्या सजा मिल सकती है?

जवाब: अब तक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड या भारतीयक्रिकेट बोर्ड यानी BCCI ने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। आखिरी फैसला मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश का होगा। हालांकि, ICC की रूलबुक में ऐसी घटनाओं के लिए स्पष्ट नियम हैं।

ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 के मुताबिक, ‘इंटरनेशनल मैच में खिलाड़ी, सपोर्टिंग स्टाफ, अंपायर, रेफरी या किसी दर्शक के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क नियमों के खिलाफ है।’अगर कोई खिलाड़ी जानबूझकर, लापरवाही से या फिर गलती से भी दूसरी टीम के खिलाड़ी या अंपायर से टकराता या कंधा मारता है, तो भी इसे नियम तोड़ना माना जाएगा।ऐसे मामलों में मैच रैफरी देखते हैं कि टकराव

सवाल-3: क्या वैभव पहले भी मैदान पर ऐसा गुस्सा दिखा चुके हैं?

जवाब: हां, इससे पहले दो बार वैभव मैदान पर ऐसे गुस्से में दिखे हैं..

1. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गलत आउट से नाराज दिखे वैभव7 अक्टूबर 2025। ऑस्ट्रेलिया में अंडर-19 यूथ टेस्ट मैच। वैभव 14 गेंदों 20 रन बना चुके थे। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज चार्ल्स लैचमंड की गेंद वैभव के थाई पैड को छूते हुए कीपर के ग्लव्स तक पहुंची। अंपायर ने कैच की अपील पर बिना वक्त लगाए आउट करार दिया।

इस पर नाराज वैभव कुछ देर के लिए विकेट के सामने खड़े अंपायर को देखते रहे और फिर थाईपैड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी है। वे हाथ में बल्ला घुमाते हुए पवेलियन लौट गए। वीडियो रिप्ले से भी पता चला कि गेंद पैड से लगकर गई है।2. आउट हुए तो पाकिस्तानी खिलाड़ी को जूता दिखाया21 दिसंबर 2025. दुबई में भारत-पाकिस्तान के बीच

दिसंबर 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान आउट होने पर पाक बॉलर को जूता दिखाने का इशारा करते वैभव सूर्यवंशी।

सवाल-4: तो क्या बड़े मैचों में खराब परफॉरमेंस के चलते आपा खो देते हैं वैभव?

जवाब: जब भी वैभव मैचों में कथित ‘गुस्से’ में दिखे, तब उनकी या टीम की परफॉरमेंस अच्छी नहीं चल रही थी…मौजूदा लीग-ए ट्रायंगलर सीरीज में भारत 3 में से 2 मैच हार चुका है। 9 जून को पहले मैच में भारत-ए, श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 8 रन से जीता। इसमें भी वैभव 12 गेंदों में सिर्फ 14 रन बनाकर कैच आउट हो गए।

अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में बारिश के चलते DLS नियम के तहत भारत-ए 4 रन से हारा। वैभव 22 गेंदों में 44 रन पर कैच आउट हुए।नवंबर 2025 में राइजिंग स्टार्स एशिया कप के दौरान वैभव ने एक मैच में 144 रन बनाए। हालांकि बाकी 3 मैचों में सिर्फ 95 रन बना सके। सेमीफाइनल में टीम भी बांग्लादेश से हार गई।

उनका मैक्सिमम स्कोर मलेशिया के खिलाफ 50 रन था। फिर श्रीलंका के खिलाफ 1 और पाकिस्तान के खिलाफ 2 मैचों में वैभव हाफ सेंचुरी तक नहीं पहुंचे।

सितंबर-अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैच की यूथ टेस्ट सीरीज में भारत-ए ने दोनों मैच जीते। सीरीज में वैभव ने कुल 3 पारियां खेलीं। पहली पारी में 86 गेंदों में 113 रन बनाए, लेकिन दूसरे मैच में पहले 20 रन और फिर 0 पर आउट हो हुए।

सवाल-5: क्या वैभव का गुस्सा उनके करियर के लिए घातक बन जाएगा?

जवाब: कई स्टार खिलाड़ी अपने शुरुआती दौर में

एग्रेसिव रहे हैं, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपना तरीका बदला। गुस्से को कंट्रोल करके खेल पर फोकस बढ़ाया और खुद को हर मामले में बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन साबित किया।अर्जेंटीनियाई फुटबॉलर डिएगो मैराडोना तो विपक्षी खिलाड़ियों पर पैरों तक से हमला कर देते थे।आज बेहद शांत और संतुलित टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने 1999 में 18 साल उम्र में रूसी खिलाड़ी मराट सफिन के खिलाफ एक ही मैच में 6 बार अपना

1984 के फुटबॉल लीग कोपा डेल रे के फाइनल के बाद अर्जेंटीनियाई फुटबॉलर डिएगो मैराडोना ने विपक्षी टीम एथलेटिक बिलबाओ के एक खिलाड़ी को घुटना मारकर बेहोश कर दिया था।

फोटो – पालोमार/ऑफसाइड/मार्का

सीनियर क्रिकेट जर्नलिस्ट के. श्रीनिवास राव कहते हैं, ‘ये संभव नहीं है कि मैदान पर हमारी इच्छा के मुताबिक हमारा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसी आक्रामक भाषा में जवाब दे और वो संतुलित भी रहे। वैभव बच्चा है, उसने कोई क्राइम नहीं किया है, उसे गलती करने और उससे खुद सीखने का हक है। 15 साल की उम्र में 30 साल वाली परिपक्वता की उम्मीद नहीं की जा सकती।’

हालांकि सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार भी X पर लिखते हैं, ‘वैभव को मैदान पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। इससे इंसान अपना नजरिया खो देता है। मुझे यकीन है कि इस घटना से वो सीखेंगे। हम सब गलतियां करते हैं, वो भी अलग नहीं हैं।’वैभव की पैदाइश 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर की है। कम उम्र में वैभव ने स्किल और परफॉरमेंस के मामले में विराट और रोजर फेडरर की

2. 15 की उम्र में टीम इंडिया में सिलेक्शन, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

वैभव 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी और 2024 में भारत की अंडर-19 टीम में चुने गए। ऑस्ट्रेलिया U-19 के खिलाफ पहले यूथ टेस्ट में 58 गेंदों पर शतक जमाया।

IPL 2025 में 14 साल और 23 दिन की उम्र में लीग के सबसे युवा खिलाड़ी बने। IPL 2026 में शानदार खेल की बदौलत BCCI ने 6 जून को उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड T20 दौरे के लिए सीनियर टीम में चुना। इस दिन उनकी उम्र 15 साल 71 दिन थी।इस सिलेक्शन से वैभव ने सबसे कम उम्र में सीनियर टीम में चुने जाने का सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

3. क्रिस गेल, डीविलियर्स, रसल के रिकॉर्ड तोड़े

IPL 2025 में वैभव का 35 गेंद का शतक IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक और भारतीय बल्लेबाजी का सबसे तेज शतक था।IPL 2026 में 440 गेंदों में 1,000 IPL रन पूरे कर आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड और एक T20 सीजन में 72

IPL 2026 में जीते 5 अवॉर्ड्स के साथ वैभव। इस सीजन में उन्होंने सबसे ज्यादा 776 रन और 72 छक्के जड़े।

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