H-1B वीजा पर ट्रंप सरकार को बड़ा झटका, अमेरिकी कोर्ट ने 1 लाख डॉलर की फीस रद्द की; भारतीयों और विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी राहत

अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए एक गुड न्यूज है. एक अमेरिकी फेडरल जज ने सोमवार, 8 जून को ट्रंप प्रशासन के नए H-1B वीजा पर लगाई गई 1 लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपए) की फीस को रद्द कर दिया. यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.

H-1B Visa Fees Cancel: डोनाल्ड ट्रंप की सरकार को कोर्ट से लगा झटका

अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट जज रिचर्ड स्टर्न्स ने कहा कि सितंबर 2025 के एक राष्ट्रपति आदेश से लाई गई यह योजना और अमेरिका के विदेश विभाग तथा गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जल्दी लागू की गई नीति “शक्तियों के अलग-अलग होने” (separation of powers) के नियम का उल्लंघन करती है.जज स्टर्न्स का यह फैसला 6 महीने बाद आया जब वॉशिंगटन डी.सी. के एक फेडरल जज ने एक ऐसे ही मामले में ट्रंप सरकार के पक्ष में फैसला दिया था. यह मामला अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने दायर किया था, और उस फैसले में कहा गया था कि संसद ने राष्ट्रपति को 1 लाख डॉलर फीस लगाने का अधिकार दिया है. लेकिन वह पुराना फैसला फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ (शुल्क) वाले फैसले से पहले आया था, जिसने बाद में स्टर्न्स के निर्णय को प्रभावित किया.

H-1B वीजा को समझिए

H-1B वीजा प्रोग्राम कंपनियों को यह अनुमति देता है कि वे उच्च कौशल (स्किल) वाले विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नौकरी पर रख सकें, उन कामों के लिए जिनमें कम से कम बैचलर डिग्री जरूरी होती है. H-1B कर्मचारी के लिए आवेदन (अप्लाई) करते समय कंपनी को अमेरिका के श्रम विभाग को यह सबूत देना होता है कि विदेशी कर्मचारी रखने से अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी या काम की स्थिति पर बुरा असर नहीं पड़ेगा.संसद ने इस प्रोग्राम में कई बार सख्त नियम बनाए, जुर्माने बढ़ाए और फीस से जुड़े कानून बनाए ताकि इसका गलत इस्तेमाल रोका जा सके. साथ ही सरकार और गैर-लाभकारी संस्थाओं को भी इसमें छूट दी गई है और उन्हें 65,000 की सीमा से बाहर रखा गया है.

ट्रंप सरकार ने क्यों लगाई थी फीस?

ट्रंप और उनके साथियों का कहना है कि H-1B प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल होता है, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रखा जाता है. ट्रंप ने अपने आदेश में कहा था, “H-1B प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल एक राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा है क्योंकि इससे अमेरिकी लोग विज्ञान और तकनीक में करियर बनाने से दूर हो जाते हैं और इन क्षेत्रों में अमेरिका की नेतृत्व क्षमता खतरे में पड़ जाती है.”सितंबर में ट्रंप ने एक आदेश जारी किया था जिसमें नए H-1B वीजा आवेदन पर 1 लाख डॉलर फीस लगाने की बात कही गई थी. इससे यह कार्यक्रम कमजोर हो सकता था क्योंकि पहले से ही कर्मचारियों की कमी है और यह समस्या और बढ़ गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *