गुरुग्राम में पार्किंग विवाद ने लिया हिंसक रूप, ऑपरेशन सफेद सागर के योद्धा ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला; सिर-हाथ में गंभीर चोट, बोले- ‘फोन करता रहा…’ कारगिल वॉर हीरो ने बताया पार्किंग में उन चंद मिनटों में क्या हुआ?

गुरुग्राम:कारगिल युद्ध के दौरान वायु सेना की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सफेद सागर में ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई थी. जो एक बार फिर चर्चा में हैं, क्योंकि उन पर गुरुग्राम के सेक्टर-58 स्थित ‘मैग्नम ग्लोबल पार्क’ में जानलेवा हमला हुआ है. गाड़ी पार्किंग के विवाद में उन पर हमला किया गया था,

जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए. घटना के बाद गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में भर्ती  से बातचीत में इस घटना की पूरी जानकारी दी है, साथ ही उन्होंने गुरुग्राम पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जानकारी देने के बाद भी आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची थी.

गुरुग्राम में पार्किंग पर हुआ विवाद

अमित गुप्ता ने बताया कि घटना 10 सितंबर की रात की है. ‘वह परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क के ‘गोंजो’ रेस्टोरेंट में डिनर के लिए गए थे. मॉल के बाहर उन्होंने परिवार को उतारा और अंदर गाड़ी पार्क करने के लिए चले गए. पार्किंग के लिए जो जगह तय की गई थी, उसी स्थान पर वह गाड़ी पार्क कर रहे थे. लेकिन वहां पर मौजूद अंटेंडर ने उन्हें वहां गाड़ी पार्क करने से मना कर दिया.  पार्किंग स्टाफ ने मुझे लगातार अलग-अलग जगह पर वैले, बेसमेंट और फिर मल्टी-लेवल

लोहे की रॉड से किया हमला:अमित गुप्ता

अमित गुप्ता ने बताया कि जब वह गाड़ी रिवर्स कर रहे थे, तभी अचानक से अटेंडेंट ने मेरी विंडशील्ड पर हमला कर दिया. जब उन्होंने गाड़ी से बाहर निकलकर उसका विरोध किया तो उसने लोहे की रॉड से मुझ पर हमला कर दिया. मैंने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे किया तो उसने हाथ पर रॉड मार दी, जिससे उनका हाथ फैक्चर हो गया, दूसरी बार में आरोपी ने उनके सिर पर लोहे की रॉड दे मारी. मैं तुरंत खून से लथपथ होकर गिर पड़ा. हमला इतनी तेजी से किया गया कि मैं खुद को बचा भी नहीं पाया.’

गुरुग्राम पुलिस पर लापरवाही का आरोप

घटना के तुरंत बाद अमित गुप्ता ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी. लेकिन उनका कहना है कि जब यह घटना हुई तब वहां पर कई गार्ड्स और पार्किंग स्टाफ थे, पर किसी ने मदद नहीं की. पुलिस को कॉल किया लेकिन पुलिस आधे घंटे तक लोकेशन पर नहीं पहुंची. आखिर में एक शेफ ने बीच-बचाव कर मेरी जान बचाई, इसके बाद मुझे एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया. लेकिन यहां भी पुलिस ने उनसे किसी तरह की कोई जानकारी नहीं ली है.’

अमित गुप्ता की मेंदाता अस्पताल में हुई सर्जरी

अमित गुप्ता की तुरंत मेंदाता अस्पताल में सर्जरी कर प्लेट्स लगाई गईं हैं. उनके हाथ और सिर में भी चोटे हैं. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है. अमित गुप्ता का कहना है कि पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिला है. जबकि आरोपी के खिलाफ भी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है.

ऑपरेशन सफेद सागर में थे अमित गुप्ता 

अमित गुप्ता ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान मुख्य भूमिका में थे. करगिल युद्ध के दौरान यह ऑपरेशन भारतीय वायुसेना ने चलाया था. फिलहाल वायुसेना से रिटायर होने के बाद अमित गुप्ता गुरुग्राम में रहते हैं, जहां 10 सितंबर को उन पर हमला हुआ है.

गुरुग्राम में भी अवैध पार्किंग एक बड़ी समस्या है, जहां पार्किंग माफिया ने सार्वजनिक जगहों पर भी कब्जा करके रखा है. ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता के साथ हुई मारपीट भी इसी तरह की घटना है. क्योंकि वहां वैध जगह पर ही गाड़ी पार्क कर रहे थे, लेकिन उन्हें गाड़ी पार्क करने से रोक दिया गया और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट हुई

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