सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को फिर हमला हुआ। धमाके में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
रियाद एयरपोर्ट हमले के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
कुछ घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में 4 सऊदी, 2 बांग्लादेशी और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं।
हमले के बाद एयरपोर्ट खाली कराया गया और उड़ानें रोक दी गईं। बीते 24 घंटे में एयरपोर्ट की कम से कम 225 उड़ानें रद्द हुईं। रियाद एयरपोर्ट पर बीते 20 दिन में यह चौथा हमला है।
अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि हमले के पीछे हूतियों के हाथ होने का शक है। ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। उन्होंने इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें चलाने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी अरब अपने लड़ाकू विमानों से हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, जबकि यमन की सरकारी सेना जमीन पर आगे बढ़ रही है।
इसका मकसद लाल सागर के पास हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर उनका दबदबा कम करना है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है।
हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में हूतियों ने भी सऊदी अरब के एयरपोर्ट, तेल ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

हमले के बाद ट्रम्प बोले- मैं खुश नहीं
सऊदी अरब ने अपने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और तेल से जुड़ी जगहों पर हमलों के बीच अमेरिका और दूसरे सहयोगी देशों से मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका की मदद में खुफिया जानकारी साझा करना, हमले के लिए ठिकानों की पहचान करना और सैन्य योजना बनाने में सहयोग देना शामिल है।
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है और मैं खुश नहीं हूं। हालांकि, इन हमलों के जवाब में अमेरिका की ओर से सैन्य मदद देने का कोई संकेत नहीं मिला। अमेरिका ने फिलहाल इस संर्घष से दूरी बनाई हुई है।
एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं
सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं।
इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है।
एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े
19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया।
7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए।
8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (एयरबस A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई।
