भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शहर के मशहूर 5 स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट (Courtyard by Marriott) का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के बाद हुई है। निरीक्षण के दौरान होटल की रसोई और स्टोर में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

इस होटल में आमतौर पर कॉरपोरेट इवेंट, शादियां और बड़े समारोह होते हैं। यहां खाने-पीने पर हजारों रुपए खर्च करने वाले मेहमानों को यह खबर झटका देने वाली है।किचन में चूहों का आतंनिराक्षण टीम को होटल परायण ग स्टोर एरिया में चूहे मिले। यह अपने आप में बड़ी लापरवाही है। किसी भी होटल या रेस्तरां में कीट-पतंगों और चूहों का होनाटीम ने होटल का पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड भी जांचा। उसमें भी चूहों की समस्या दर्ज थी। यानी होटल प्रबंधन को इस बारे में पता था, फिर भी कोई असरदार कदम नहीं उठाया गया।
वेज-नॉनवेज एक साथ रखना खतरनाक
होटल के किचन में वेज और नॉनवेज खाना एक साथ रखा जा रहा था। यह क्रॉस कंटैमिनेशन (Cross Contamination) यानी खाने में मिलावट का सीधा खतरा पैदा करता है। खाद्य सुरक्षा के नियमों में इसे अलग-अलग रखना जरूरी होता है।स्टोरेज की व्यवस्था भी पूरी तरह गडबड ने-पीने की ची से रखने के लि चाहिए, वे नहीं थे। किचन में साफ-सफाई का स्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
शुगर सैशे पर भी उठे सवाल
जांच में एक और उल्लंघन सामने आया। होटल में इस्तेमाल होने वाले शुगर सैथे एक थर्ड पार्टी (Third Party) से लिए जा रहे थे। वहीं, यह थर्ड पार्टी खाद्य व्यवसाय संचालक की ओर से सर्टिफाइड और एंडोर्स नहीं थी। यानी यह चीनी किसी ऐसे स्रोत से आ रही थी जिसकी गुणवत्ता की कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई थी।यह छोटी बात नहीं है। बिना प्रमाणन वाले सप्लायर से सामग्री लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
FSMS नियमों की खुली अनदेखी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को यह भी मिला कि होटल में खाद्य सुरक्षा प्रबंधन ी यानी एफएसानियमों का पालन नहीं हो रहा था। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 की अनुसूची-4 के
एफएसएमएस वह प्रणाली है जो यह सुनिश्चित करती है कि खाना बनाने से परोसने तक हर कदम पर सुरक्षा बनाए रखी जाए। इसे नजरअंदाज करना सीधे मेहमानों की सेहत से खिलवाड़ है।
खाद्य विभाग का सख्त रुख
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ कहा है कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं। पांच स्टार होटल हो या छोटी दुकान, नियम सबके लिए बराबर हैं। इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि नाम बड़ा होने से जवाबदेही से छूट नहीं मिलती।हालांकि यह बात सामने आ रही है किहोटल कोर्टयाडाइसेंस बहाल कFSMS क्या होता है और होटलों को
FSMS क्या होता है और होटलों को इसका पालन क्यों करना जरुरी है?
एफएसएमएस यानी फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम वह व्यवस्था है जो सुनिश्चित करती है कि खाना बनाने, स्टोर करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और स्वच्छ हो। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 के तहत हर लाइसेंसधारी खाद्य व्यवसायी के लिए इसका पालन अनिवार्य है। इसे नजरअंदाज करना खाने में मिलावट और स्वास्थ्य खतरे को बढ़ावा देता है।
भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल का फूड लाइसेंस क्यों सस्पेंड हुआ?
खाद्य सुरक्षा विभाग के औचक निरीक्षण में भोपाल मैरियट होटल के किचन और स्टोर में चूहे मिले, गंदगी पाई गई, वेज और नॉनवे गा था, शुगर सैशे बिन थर्ड पार्टी से लिए जा रहे थे और एफएसएमएस तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2011 की अनुसूची-4 के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इन सब कारणों से विभाग ने होटल का फूड लाइसेंस