छिंदवाड़ा में भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के जिलाध्यक्ष और पार्षद लोकेश डेहरिया (48) का बुधवार रात करीब 10 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया।
वे डिनर के बाद रोज की तरह कॉलोनी में टहलने निकले थे। तभी अचानक सीने में दर्द होने पर सड़क पर गिर पड़े। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
जानकारी के अनुसार, लोकेश डेहरिया रात में भोजन के बाद कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को उनकी स्थिति का अंदाजा नहीं लग सका।
घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में लोकेश डेहरिया अचानक सड़क पर गिरते दिखाई देते हैं। कुछ समय तक वे वहीं पड़े रहे। इस दौरान कई राहगीर वहां से गुजरे, लेकिन ज्यादातर लोगों ने उन्हें नशे की हालत में समझकर अनदेखा कर दिया।
3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम…

लोकेश डेहरिया रात में भोजन के बाद कॉलोनी में टहल रहे थे।

इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे सड़क पर गिर पड़े

पड़ोसी ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
कुछ देर बाद कॉलोनी निवासी गौरव चौधरी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने पास जाकर देखा तो स्थिति गंभीर लगी। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

मौत से कुछ घंटे पहले किया था आखिरी पोस्ट
लोकेश डेहरिया सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। निधन से कुछ घंटे पहले उन्होंने छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में उन्होंने एसपी को टैग किया था और अपनी तस्वीर भी साझा की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट साबित होगी।
12 जून को सांसद के बर्थडे पर केक काटा था
12 जून को जन्मदिन पर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू ने उनके साथ केक काटकर शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद 15 जून को वे भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपत्तिया उइके से मुलाकात की थी।
मेहरा डेहरिया समाज के अध्यक्ष भी थे लोकेश
लोकेश डेहरिया भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष, नगर निगम पार्षद और मेहरा डेहरिया समाज के अध्यक्ष थे। अपने मिलनसार स्वभाव और सक्रिय जनसंपर्क के कारण वे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अच्छी पहचान रखते थे।
लोकेश डेहरिया के आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, डेहरिया समाज और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दिल की सेहत के लिए एक्टिव रहना कितना जरूरी?
दिल सिर्फ ब्लड पंप करने का काम नहीं करता। यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है। अगर ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज या कमजोरी आ जाए तो पूरा सिस्टम प्रभावित होता है। कार्डिया स्टडी के मुताबिक, युवावस्था से मध्यम आयु तक शारीरिक गतिविधि धीरे-धीरे कम होती जाती है और फिर लगभग थम जाती है। हालांकि, जिन्हें कोई हार्ट डिजीज होती है, उनमें यह गिरावट ज्यादा पहले और तेज होती है।
एक्टिव रहने से दिल मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और वजन नहीं बढ़ता। हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट मध्यम से तेज एक्टिविटीज, जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना जरूरी है। अगर हार्ट संबंधी कोई समस्या हो चुकी है तो डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे शुरू करें। यह बचाव और इलाज दोनों के लिए सबसे अच्छा तरीका है।
हार्ट अटैक से सालों पहले दिखने वाले संकेत क्या हैं?
हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। सालों पहले शरीर में छोटे-छोटे बदलाव दिखने लगते हैं। ये संकेत अगर समय पर समझ लिए जाएं तो डॉक्टर की मदद से बड़ा खतरा टाला जा सकता है। स्टडीज बताती हैं कि ये क्लू 10-12 साल पहले से शुरू हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें थकान या उम्र समझ लेते हैं। यहां 12 ऐसे संकेत हैं जो दिल की समस्या का इशारा दे सकते हैं।
