मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल काउंटर एफिडेविट में अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, घटना के अगले दिन आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी फुटेज हासिल करने की कोशिश की। उन्होंने ब्यूटी पार्लर पहुंचकर भी ट्विशा की आवाजाही के फुटेज जुटाए थे।
सीबीआई ने आशंका जताई है कि प्रभावशाली होने के कारण गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह भोपाल में चल रहे ट्रायल को प्रभावित करने के साथ गवाहों को डरा सकते हैं।
29 अक्टूबर 2026 को दाखिल काउंटर एफिडेविट के मुताबिक, गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। घटना के समय वे भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष थीं। उनके बेटे समर्थ सिंह वकील हैं।
मौत के अगले दिन जुटाए CCTV फुटेज
सीबीआई के अनुसार, 13 मई 2026 को गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी तकनीशियन को फोन कर घटना के समय के फुटेज की कॉपी हासिल की थी।
इसी दिन उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से ट्विशा के 12 मई को वहां आने-जाने की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कुछ लोगों को भेजकर पार्लर के सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए गए। सीबीआई ने इसे जांच का महत्वपूर्ण तथ्य बताया है।

17 अगस्त को पेश हो चुकी है चार्जशीट
सीबीआई ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत चार्जशीट पेश की थी। दहेज मृत्यु और अन्य पहलुओं पर जांच जारी है। भोपाल की अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे सेशन ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर सीबीआई ने जवाब दाखिल किया है। एजेंसी ने दोनों आरोपियों के प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई है।

12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया था।
पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS को दोबारा पोस्टमॉर्टम के निर्देश दिए थे। इसके बाद दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था
