सिंहस्थ-2028 से पहले कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर बड़ा सवाल: 1800 करोड़ मुआवजे के बावजूद आउटर रिंग रोड, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और रेल लाइन का काम धीमा, 22 महीने में तैयारियां पूरी होना कठिन

सिंहस्थ-2028 में अब दो साल से भी कम समय (22 महीने) बचा है, लेकिन आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाएं अभी भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक प्रक्रियाओं के दौर में हैं। इंदौर जिले में वेस्टर्न रिंग रोड, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और इंदौर-बुधनी नई रेलवे लाइन के लिए 1800 करोड़ रुपए से अधिक के मुआवजा अवॉर्ड जिला प्रशासन पारित कर चुका है। बड़ा सवाल यह है कि ये परियोजनाएं सिंहस्थ शुरू होने से पहले धरातल पर पूरी तरह तैयार कैसे हो पाएंगी? मौजूदा स्थिति देखें तो अधिकांश परियोजनाएं अभी अधिग्रहण और प्रारंभिक निर्माण चरण में हैं।

आउटर वेस्टर्न रिंग रोड

766 करोड़ रु. का मुआवजा, काम शुरू नहीं

इंदौर सिंहस्थ का प्रवेश द्वार होगा। ऐसे में शहर के बाहर से ही ट्रैफिक निकल जाए, इसके लिए आउटर वेस्टर्न रिंग रोड अहम होगा। इसके लिए 766 करोड़ रुपए का मुआवजा दे चुके। 26 गांवों की 411 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित हुई है, लेकिन पूरी सड़क का निर्माण, इंटरचेंज, पुल-पुलिया और कनेक्टिंग नेटवर्क तैयार करने के लिए अभी काम शुरू होना है।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर

650 करोड़ का मुआवजा, भूमिपूजन अभी नहीं

इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लिए 650 करोड़ रुपए का मुआवजा अवॉर्ड हो चुके। अधिग्रहण में कुछ हिस्सा बचा है, जिस पर स्टे है। यह प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ के लिए सबसे अहम है, क्योंकि इसका सीधा संबंध श्रद्धालुओं की आवाजाही से है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद भी निर्माण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और सुरक्षा संबंधी कार्यों में लंबा समय लग सकता है। संभावना है इसी महीने सीएम इसका भूमिपूजन करेंगे।

इंदौर-बुधनी रेल लाइन : 421 किसानों का मुआवजा पारित, समय पर शुरू नहीं हो पाएगी

सांवेर-कनाड़िया तहसील की 108.249 हेक्टेयर जमीन ली गई है। 421 किसानों को अवॉर्ड पारित हो चुका है। 410 किसानों को दिया जा चुका है। प्रोजेक्ट की बात करें तो कई जगह सिविल वर्क और बेस बनाने का काम जारी है। इंदौर और आसपास के ग्रामीण हिस्सों में मुआवजे और जमीन को लेकर मामला अभी उलझन में है। बेस मजबूत होने के बाद मुख्य रेल पटरियों को बिछाने और आपस में जोड़ने का काम होगा। मांगलिया को महा जंक्शन बनाने के लिए मुख्य स्टेशन बिल्डिंग, प्लेटफॉर्म, आधुनिक सिस्टम का काम बाकी है। पटरियां बिछाने और स्टेशनों के निर्माण का एक बड़ा हिस्सा बाकी है।

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