दो महीने में 100 करोड़ कमाने का सपना! रेलवे अफसर की बेटी ने पिता संग रचा महाठगी का खेल, 15 रिश्तेदारों समेत कई लोगों को बनाया शिकार

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. सपनों की शहजादी  रेलवे अधिकारी की बेटी ने दो महीने में अरबपति बनने का ख्वाब सजोया. अपने सपनों को पूरा करने के चक्कर में उसने अपने रिश्तेदारों समेत कई लोगों को ठगी का शिकार बना डाला. इस काम में बेटी का साथ दिया उसके रेलवे अधिकारी पिता ने. अरबपति बनने के चक्कर में गोरखपुर के स्टेशन अधीक्षक पिता और उनकी बेटी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं.

गोरखपुर में रेलवे अफसर की बेटी का महाफ्रॉड

रेलवे अधिकारी गरिमा सिंह की एक डायरी से उसका पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आ गया. उसने अपनी डायरी में अरबपति बनने की डेडलाइन भी लिखी थी. उसका लक्ष्य अप्रैल से मई तक 100 करोड़ रुपए कमाने का था. इसी लक्ष्य को परा करने के चक्कर में गरिमा सिंह ने  10 से 15 लोगों को ठगी का शिकार बनाया. लोन माफ कराने के नाम पर उसने लोगों से करोड़ों रुपए ठगे. फ्रॉड का शिकार सिर्फ बाहरी लोग ही नहीं बल्कि उसके अपने रिश्तेदार और  रेलवे अधिकारी भी थे. हैरानी की बात यह है कि बेटी के इस गलत काम में उसके रेलवे अधिकारी पिता ने भी पूरा साथ दिया. पुलिस जांच में अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा का फ्रॉड का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी बाप-बेटी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है.

गरिमा सिंह की डायरी के शब्द

“मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी, यह मेरा लक्ष्य है. मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे.अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है. गरिमा सिंह करोड़पति है. धन्यवाद भगवान” ये लाइनें गोरखपुर के स्टेशन अधीक्षक की बेटी गरिमा सिंह ने  डायरी में लिखीं

फ्रॉड का खुलासा कैसे हुआ?

गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के महादेवी झारखंडी कॉलोनी के रहने वाले रेलवे अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह के खिलाफ 3 जुलाई को उनके एक रिश्तेदार रेलवे अधीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया था. पीड़ित सत्यप्रकाश सिंह ने अपनी तहरीर में कहा कि उनकी रिश्तेदार और फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली गरिमा सिंह ने उनको पर्सनल लोन लेकर उसकी रकम उसके खाते मं डालने का झांसा दिया. उसने कहा था कि उनकी हर महीने की ईएमआई वह खुद भरेगी. गरिमा ने उनके डॉक्यूमेंट लेकर 6 बैंकों से कुल 1.67 करोड़ रुपए का लोन पास करा लिया. उसने कहा कि ये पूरा लोग वह खुद चुकाएगी. साथ ही उनका कार लोन भी माफ करवा देगी.

रिश्तेदारों से करोड़ों की ठगी

वहीं गरिमा ने दूसरे रिश्तेदार से सी तरह 91 लाख रुपये की ठगी की. उन्होंने कहा कि गरिमा के रेलवे अधकारी पिता के कहने पर सभी ने उनकी बेटी से लोन करवाया था. करीब 6 से 7 रिश्तेदार रेलवे में काम करते हैं. वे सब उनकी ठगी का शिकार हुए हैं. उनके साथ 15 से 20 अन्य लोगों से भी गरिमा ने ठगी की है. गरिमा सिंह शादीशुदा है. उसका पति कुशीनगर में टीचर है. लेकिन वह अपने पिता के साथ गोरखपुर में ही रहती है. पिता-बेटी के झासे में आकर वह फ्कॉड का शिकार हो गए.

रेलवे अधिकारी की बेटी ने  20 लोगों से की ठगी

पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता और बेटी को हिरासत में लेकर जांच शुरू की. जांच में पता चला कि जल्द अरबपति बनने का शौकीन गरिमा सिंह ने इसके लिए इंटरनेट से जानकारी जुटाई थी. उसने लोन के नाम पर लोगों से ठगी का प्लान बनाया. पिता ने भी उसका साथ दिया.उन्होंने 15 से 20 लोगों को अपना शिकार बनाया. पुलिस ने दोनों के पास से 3 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं. पिता-बेटी के साथ ही उनके सहयोगी विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायत के मुताबिक, गरिमा सिंह ने रेलवेकर्मी मोहन सिंह, ब्रह्मनंद सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. परमात्मा सिंह, साधना मल्ल, सुग्रीव सिंह और संदीप पांडेय से ठगी की. इन सभी ने सीओ ऑफिस में शिकायत की है

पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोग गरिमा सिंह के दिए लालच में आ गए. उनको लगा कि उनको अपना लोन नहीं भरना पड़ेगा. गरिमा उसे माफ करवा देगी. इसी चक्कर में वे ठगी का शिकार हो गए. दोनों बाप-बेटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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