मध्य प्रदेश के शाजापुर में वसूली के लिए एक परिवार ने गैंग बनाई। इसमें पति–पत्नी और बेटा–बहू शामिल थे। सरगना सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करती और वीडियो बनाकर रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। बाकी तीनों पैसे लाने और धमकाने में मदद करते थे।
आरोपियों ने दुष्कर्म की धमकी देकर एक बुजुर्ग से 33 लाख रुपए वसूले और सब-इंस्पेक्टर को भी ठगा। सरगना पार्वती बैरागी अनपढ़ है, लेकिन लिखना–पढ़ना जानती है। पति राजेंद्र बैरागी इकलेरा मंदिर में पूजा-पाठ करता है।बेटा शरद बैरागी 10वीं पास और पेशे से ड्राइवर है। उसकी पत्नी संजना बैरागी 12वीं पास है। पुलिस ने 11 अप्रैल को चारों को शुजालपुर से गिरफ्तार किया। आरोपियों से 10 लाख रुपए और कार बरामद हुई।11 अप्रैल को चारों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 12 अप्रैल को उन्हें जमानत मिल गई। उनके मोबाइल जब्त कर जांच में लिए गए हैं।
आरोपी महंगे कपड़े, मोबाइल और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए ऐसा करते थे। ने कोतवाली प्रभारी संतोष वाघेला से बात कर गैंग के बारे में जानकारी ली।

मंदिर में मुलाकात, वीडियो कॉल पर बातचीत शुरू हुई
टीआई संतोष वाघेला ने बताया कि 10 अप्रैल को शाजापुर के रमेशचंद्र पाटीदार (70) ने कोतवाली में शिकायत की। उन्होंने कहा- साल 2023 में भरड़ के शिवमंदिर में पार्वती और राजेंद्र बैरागी से मुलाकात हुई थी। मैंने 50 रुपए दान दिया। उन्होंने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया।
कुछ दिन बाद पार्वती का कॉल आया। उसने बीमारी का बहाना कर 20 हजार रुपए मांगे, लेकिन मैंने मना कर दिया। बाद में वीडियो कॉल आया। करीब 20 मिनट बात हुई। उसने पूछा कि मैं कैसी लग रही हूं। मैंने कहा– अच्छी लग रही हो। फिर कॉल कट हो गया।दो दिन बाद कॉल कर कहा कि वीडियो पति और बेटे ने देख लिया है। वे घर आकर झगड़ा करेंगे, इसलिए 5 हजार रुपए दे देना। शाम को राजेंद्र और शरद घर आए और रुपए ले गए।
कहा- वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम कर देंगे
कुछ दिन बाद शरद का कॉल आया। कहा- तुम्हारा वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम कर देंगे और झूठे रेप केस में फंसा देंगे। पांच लाख रुपए मांगे, घबराकर मैंने दे दिए। पार्वती मेरे गांव की होने से उसे पता था कि मैंने जमीन बेची है।इसके बाद वे कभी एक लाख, कभी पांच लाख, तो कभी दो लाख रुपए मांगते रहे। दो साल में मैं करीब 33 लाख रुपए नकद दे चुका हूं। अब फिर 20 लाख रुपए मांग रहे हैं। उन्होंने खाली शपथपत्र पर मेरे साइन भी करवा लिए थे।

गांव का होने से बढ़ाई पहचान, फिर बनाया शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि रमेशचंद्र पाटीदार और पार्वती बैरागी की मुलाकात उसके मायके गांव भरड़ में हुई थी। वहीं उसे पता चला कि रमेशचंद्र ने जमीन बेचकर पैसा कमाया है। यहीं से पार्वती ने साजिश शुरू की।पूछताछ में पता चला कि परिवार ने 2023 में गिरोह बनाया था। अब तक पांच लोगों से लाखों रुपए ठग चुके हैं। कुछ पीड़ितों ने डर के कारण शिकायत नहीं की।
बुजुर्ग और सीधे–सादे लोग गैंग का सॉफ्ट टारगेट
जांच में सामने आया कि आरोपियों का टारगेट सीधे-साधे और 50 साल से अधिक उम्र के लोग थे। ब्लैकमेलिंग का तरीका सुनियोजित था। पार्वती पहले दोस्ती करती, फिर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर बातचीत बढ़ाती।इसके बाद वीडियो कॉल कर रिकॉर्डिंग की जाती। वीडियो वायरल करने, झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने, बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे।

रिकॉर्ड से बचने के लिए कैश में वसूली करते थे
ये लोग पूरा पैसा कैश में लेते थे। रिकॉर्ड से बचने के लिए बैंक और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दूर रहते थे। अलग-अलग जगह बुलाकर किश्तों में रकम वसूलते थे। इन पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम में करते थे। उन्हें महंगे कपड़े और घूमना-फिरना पसंद था।आष्टा में वे खुद का मकान बनवा रहे थे। मास्टरमाइंड पार्वती के पास आईफोन था, जबकि बाकी सदस्य महंगे एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते थे।
SI को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी थी
साल 2023 में आरोपी पार्वती ने शुजालपुर थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर आजाद चौधरी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। आजाद चौधरी ने बताया कि पार्वती का उनके घर आना-जाना था। इसी दौरान उसने फोटो-वीडियो बना लिए।बाद में इन्हीं का इस्तेमाल कर 40 हजार रुपए की मांग की। नहीं देने पर दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पार्वती ने मामला दर्ज करा दिया। मामले में सहयोगी सब-इंस्पेक्टर छत्रसाल भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन पार्वती ने उन्हें भी आरोपी बनवा दिया।