
गडकरी की साफगोई …उनके सफल लंबे राजनैतिक जीवन का राज…
मामला चाहे एथेनॉल का हो या फिर
किसी भी मुद्दे पर खरी खरी बात सामने रखने की हो… भाजपा में नितिन गडकरी हर समय अपने मन की बात कहने में कभी पीछे नहीं हटते। भोपाल में पीएम ई बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना की शुरुआत करते हुए मंच से मुख्य अतिथि नितिन गडकरी ने वह सभी बातें सामने रख दीं, जिनकी वजह से प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से वर्तमान परिवहन व्यवस्थाएं जिम्मेदार हैं और जिसकी वजह से हजारों लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। भोपाल में मंच से उन्होंने 20 फीसदी एथेनॉल के सरकार के फैसले को सही ठहराया और उन सबको गलत बताया जो इसका विरोध कर रहे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर 2026 से मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हो गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भेल दशहरा मैदान से 351 बसों के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा लॉन्च की। गडकरी ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना सरकार का विजन है। ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए 5 एजेंडा बनाए गए हैं, जिसमें पहला क्लीन ट्रांसपोर्ट है। देश के एयर पॉल्यूशन में करीब 40% हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है। प्रदूषण के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मध्य प्रदेश में प्रदूषण के लिए यहाँ के परिवहन मंत्री जिम्मेदार हैं।गडकरी ने ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन से बसों की गुणवत्ता पर कहा कि अभी भी बस में बहुत सुधार करने की जरूरत है। पटवर्धनजी अभी भी तुम्हारी बस बराबर स्टेंडर्ड पर नहीं बनी है। ये कंपनी वालों को कहो सुधरिए। नहीं तो जैसे कॉन्ट्रैक्टर्स को रगड़ने का काम करता हूं, वैसे आपके क्षत्रपों को रगड़ूंगा। उन्होंने कहा कि ई-20 का मतलब है कि हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाते हैं, यह किसान तैयार करता है। यह 19 देशों में है। अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देश इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत में 2022 से 4 करोड़ फोर व्हीलर में ई-20 पेट्रोल डाला जाता है। गडकरी ने कहा कि मैं इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल कर रहा हूं। मेरे यहां इसी से खेती हो रही है। मैं हाइड्रोजन की गाड़ी से घूमता हूं। पानी से हाइड्रोजन तैयार होता है। हिंदुस्तान में 10 रूट पर अब हाइड्रोजन से चलने वालीं बसें और ट्रक शुरू करने जा रहे हैं। अगले महीने में हर कंपनियों की 100 फीसदी इथेनॉल वाली गाड़ियां आ रही हैं। इसके साथ घटिया बॉडी निर्माण को लेकर उन्होंने बॉडी निर्माताओं और आरटीओ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बस हादसों का जिक्र किया है। 2024 में बसों में 3000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। न्यू कोड के अनुसार टेस्टिंग एजेंसी से अप्रूवल के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन होगा। तो उन्होंने परिवहन में रिश्वतखोरी को लेकर भी मन की बात सामने रख दी। गडकरी ने कहा कि आरटीओ के अफसर इस बात का ध्यान रखें। मुझे मालूम नहीं लेकिन बहुस से आरटीओ के ऑफिसर गांधीवादी हैं। गांधी की नोट दिखती है तो ठपा ठप ठपठपा देते हैं। इसके बाद सभी लोग हंसते हैं। वह याद दिलाते हैं कि गलत बस को सैंक्शन किया तो सबकी नौकरी जाएगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य परिवहन बसें बंद हो गईं थी। प्रदेश में 5 लाख किमी से ज्यादा सड़कें बन चुकी हैं और अब बसों से गांवों को भी जोड़ा जाएगा। 75% ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य है।
सीएम ने कहा कि आज प्रधानमंत्री ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू हुई है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजकुमार है कि मानता नहीं। उन्होंने कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन का काम भी उनकी सरकार ने किया है। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 21 साल पहले बंद हुई परिवहन सेवा फिर शुरू हो रही है और यह परिवहन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि बस मालिकों के हितों से टकराव नहीं होगा। कांग्रेस के ‘खटारा बसों की शुरुआत’ बयान पर उन्होंने कहा कि यह बस मालिकों का अपमान है।
खैर, यह बात सही है कि मध्यप्रदेश में सुगम परिवहन की यह शुरुआत ऐतिहासिक है। प्रदेश की बड़ी आबादी आज भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर निर्भर है। और ऐसे में अगर उन्हें उचित किराए में सुरक्षित यात्रा करने को मिलती है तो यह सरकार का उस बड़ी आबादी को एक बहुत बड़ा तोहफा है। इसीलिए गडकरी बार बार यह दोहरा रहे थे कि सुगम परिवहन की यह शुरुआत पाकर प्रदेश के गांव-गांव के लोग मुख्यमंत्री और मोहन सरकार को बहुत आशीर्वाद देंगे। बात फिर वही आ जाती है कि आशीर्वाद पाने के लिए सरकार को परिवहन व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए रखने के लिए बहुत परिश्रम करना पड़ेगा। और थोड़ी सी भी चूक आशीर्वाद में बाधक बने बिना नहीं रहेगी। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि गडकरी की तरह ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खरी खरी सुनने और खरी खरी सुनाने की राह पकड़नी होगी। वक्त गवाह है कि भाजपा जैसी पार्टी में भी गडकरी की साफगोई ही… उनके सफल लंबे राजनैतिक जीवन का राज है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।