
पुलिस चाहे तो शराब माफिया को भी 33 दिन में ध्वस्त कर सकती है…
मध्यप्रदेश में 3 नवंबर 2026 की तारीख इसलिए याद की जाएगी क्योंकि
प्रदेश पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल के हत्यारे को 33 दिन बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। तो 3 नवंबर की तारीख इसलिए भी मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में दर्ज हो गई है क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी के परेड ग्राउंड में 3 नवंबर 2026 को आयोजित 44वें एवं 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों का दीक्षांत परेड समारोह सम्पन्न हुआ। विशेष बात यह है कि एक दिन पहले शराब माफिया के हाथों खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की शहादत हो गई थी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दीक्षांत समारोह में यह खास
अपील की है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को ध्वस्त करेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें। हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान और साहस का सदैव स्मरण रखेगी।
तो पहले बात करें गिरफ्तारी की।भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड के आरोपी केयर टेकर वरुण कुमार को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। 3 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजे उसे शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया। आखिरकार वरुण आगरा के मथुरा रोड से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद वरुण लगातार ठिकाने बदल रहा था। ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा। इसके बाद हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक गया। इस दौरान उसने बस, ट्रेन और ट्रकों से सफर किया। उसके पास कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। वह कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था। रात फुटपाथ पर गुजारता था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि फरारी के दौरान किसी ने उसकी मदद तो नहीं की। गौरतलब है कि 30 सितंबर की रात सूरज नगर स्थित घर में राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। और तब से भोपाल पुलिस वरुण की गिरफ्तारी को लेकर लगातार परेशान थी।
अब बात करें दीक्षांत समारोह की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का उपयोग आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी सहायता के लिए करें। पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह कार्य करें। ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग में हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी के परेड ग्राउंड में 3 नवंबर 2026 को आयोजित 44वें एवं 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के 48 प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रदेश की सेवा के लिए तैयार हैं। यह युवा अधिकारियों के लिए पब्लिक सर्विस में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर है। पुलिस सेवा में आने के साथ ही उनके कंधों पर प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी तत्परता, कर्तव्य निष्ठा और साहस से उत्कृष्ट प्रतिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि अपराध की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। युवा पुलिस अधिकारी आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करें और अपने कर्तव्य के मार्ग पर ऐसा जीवन जिएं, जो समाज के लिए आदर्श बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने दस्यु समस्या और नक्सलवाद के बाद अब नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू की है। प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को ध्वस्त करेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें। हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान और साहस का सदैव स्मरण रखेगी। हमारे कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बल पर राज्य सरकार निश्चित रूप से सभी उद्देश्यों की पूर्ति करेगी।
तो अपेक्षा यही है कि यदि
पासिंग आउट परेड के बाद मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने को तैयार अड़तालीस प्रशिक्षु डीएसपी यदि ईमानदारी से संकल्प ले लें कि शराब माफिया को
पूरी तरह से दफन कर देंगे, तब प्रदेश में शराब माफिया नाम की चीज नहीं बचेगी। और मुख्यमंत्री ने यदि शराब माफिया को ध्वस्त करने की अपील की है तो मध्यप्रदेश पुलिस 33 दिन में शराब माफिया को
पूरी तरह ध्वस्त भी कर सकती है यदि
पुलिस द्वारा ठान लिया जाए। शायद यही माफिया के हाथों शहीद हुए दीपक पुरी एवं अन्य सभी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। और तब यह भरोसा किया जा सकेगा कि मध्यप्रदेश माफिया
मुक्त हो चुका है और ऐसे माफिया के हाथों अब प्रदेश के किसी भी पुलिस अधिकारी को मौत का शिकार नहीं होना पड़ेगा…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।