मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में बिस्तर के लिए मां-बेटी की लड़ाई हो गई। इसे देखकर पिता ने समझाने की कोशिश की, लेकिन विवाद के बीच पिता के सीने में दर्द उठ गया। जमीन पर गिरते ही मौत हो गई। हार्ट अटैक की आशंका है।
पिता की मौत के बाद रोती हुई बेटी मानसी की तस्वीर।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, घटना चिटनिस की गोठ स्थित वैकुंठ अपार्टमेंट की है। मृतक की पहचान अनिल कपूर के रूप में हुई है। वह अपनी दूसरी पत्नी रितु कपूर और बेटी मानसी कपूर के साथ यहां रहते थे।
मायके आई थी बेटी, बिस्तर को लेकर मां से हुआ विवाद
मानसी की शादी मार्च 2026 में बेलदारपुरा में हुई थी। शादी के बाद वह कुछ दिनों के लिए मायके आई हुई थी। रविवार रात रितु कपूर बेटी मानसी के बिस्तर पर जाकर सो गईं। यह देखकर मानसी नाराज हो गई। मां-बेटी के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और घर में हंगामा मच गया।

समझाने पहुंचे पिता की बिगड़ी तबीयत
मां-बेटी के बीच बढ़ते विवाद को देखकर अनिल कपूर दोनों को शांत कराने पहुंचे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है।
परिवार के रिश्तों की कहानी भी आई सामने
अनिल कपूर की पहली पत्नी कंचन की मौत साल 2019 में हो चुकी थी। रितु कपूर पहले अनिल की साली थीं। रितु के पहले पति वीरेंद्र की भी मौत हो चुकी है। उनके दो बेटियां और एक बेटा हैं।
अनिल कपूर की कोई संतान नहीं थी, इसलिए रितु ने बचपन में ही अपनी बेटी मानसी को अपनी बहन कंचन और बहनोई अनिल को गोद दे दिया था। तब से मानसी अनिल के साथ ही रह रही थी। बाद में कंचन की मौत के बाद साल 2023 में रितु ने अपने जीजा अनिल कपूर से शादी कर ली थी।

दिल की सेहत के लिए एक्टिव रहना कितना जरूरी?
दिल सिर्फ ब्लड पंप करने का काम नहीं करता। यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है। अगर ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज या कमजोरी आ जाए तो पूरा सिस्टम प्रभावित होता है। कार्डिया स्टडी के मुताबिक, युवावस्था से मध्यम आयु तक शारीरिक गतिविधि धीरे-धीरे कम होती जाती है और फिर लगभग थम जाती है। हालांकि, जिन्हें कोई हार्ट डिजीज होती है, उनमें यह गिरावट ज्यादा पहले और तेज होती है।
एक्टिव रहने से दिल मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और वजन नहीं बढ़ता। हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट मध्यम से तेज एक्टिविटीज, जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना जरूरी है। अगर हार्ट संबंधी कोई समस्या हो चुकी है तो डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे शुरू करें। यह बचाव और इलाज दोनों के लिए सबसे अच्छा तरीका है।

हार्ट अटैक से सालों पहले दिखने वाले संकेत क्या हैं?
हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। सालों पहले शरीर में छोटे-छोटे बदलाव दिखने लगते हैं। ये संकेत अगर समय पर समझ लिए जाएं तो डॉक्टर की मदद से बड़ा खतरा टाला जा सकता है। स्टडीज बताती हैं कि ये क्लू 10-12 साल पहले से शुरू हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें थकान या उम्र समझ लेते हैं। यहां 12 ऐसे संकेत हैं जो दिल की समस्या का इशारा दे सकते हैं।

इन संकेतों को साल-दर-साल कैसे समझें?
ये संकेत एक साथ नहीं आते। ये धीरे-धीरे सालों में विकसित होते हैं। कार्डिया स्टडी और अन्य रिसर्च के आधार पर एक अनुमानित टाइमलाइन बनाई जा सकती है। ध्यान रखें, यह हर व्यक्ति में अलग हो सकती है, लेकिन यह समझने में मदद करेगी कि कब सतर्क होना चाहिए।

सवाल: दिल की सेहत हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
जवाब: दिल को मजबूत रखना मुश्किल नहीं है। कुछ आसान आदतें अपनाएं:
एक्टिव रहें: हफ्ते में 150 मिनट एक्सरसाइज करें। तेज चलना, योगा या साइकिलिंग अच्छे विकल्प हैं। अगर उम्र ज्यादा है तो धीरे शुरू करें।
हेल्दी खानपान: तेल-घी कम खाएं, फल-सब्जियां ज्यादा खाएं। नमक और चीनी कंट्रोल में रखें। दालें, नट्स और मछली दिल की सेहत के लिए अच्छे हैं।
वजन कंट्रोल: पेट की चर्बी कम करें। रोज वॉक से मदद मिलती है।
स्ट्रेस मैनेज करें: मेडिटेशन या हॉबी से तनाव कम होता है, जो दिल पर अच्छा असर डालता है।
पूरी नींद लें: रोज 7-8 घंटे सोएं। अगर खर्राटे हैं तो डॉक्टर दिखाएं।
धूम्रपान-शराब छोड़ें: ये दिल की नसों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
रूटीन चेकअप: हर साल BP, शुगर और कोलेस्ट्रॉल चेक करवाएं। अगर फैमिली हिस्ट्री है तो जल्दी शुरू करें।
हेल्दी हार्ट के लिए डाइट का ख्याल कैसे रखें ?
अगर खानपान अच्छा हो तो शरीर को सारे जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं, जबकि खराब डाइट दिल का काम बढ़ाकर उसकी क्षमता को कमजोर करती है। इसलिए डाइट का ख्याल रखना जरूरी है:
