कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज और उसके एक साथी पवन को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे बुलंदशहर से पकड़ लिया। उसे अपने साथ लेकर पुलिस दिल्ली रवाना हो गई।
स्वतंत्र अपने साथी पवन के साथ बुलंदशहर में नैथला निवासी हरिशंकर उर्फ अन्नू के यहां ठहरा था। हरिशंकर दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर हैं। उन्होंने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की, हालांकि कैमरे पर आने से मना कर दिया।
पकड़े जाने से पहले स्वतंत्र ने मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की और कहा- “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे पूरा विपक्ष एकजुट हो मेरा बाल बांका नहीं कर सकता। मैं दिल्ली पुलिस का सपोर्ट कर रहा हूं। धर्मो रक्षति रक्षितः…।”
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया, ‘सूचना मिली है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच बुलंदशहर आई थी। उसने स्वतंत्र को चोला थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा नारा से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है।
स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में 3 घंटे प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ।
दरअसल नीशू का आरोप था कि 23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय के साथ मारपीट की गई। दो दिन पहले स्वतंत्र का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह संजय पर हमला करने की बात कबूल करता नजर आया। हालांकि, उसने कहा कि उसने ऐसा सेल्फ डिफेंस में किया था।
इस पर सौरव दास ने सवाल उठाया कि जब आरोपी खुद हमला करने की बात स्वीकार कर रहा है तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।
2 तस्वीरें देखिए…

ये तस्वीर 23 जून की है। स्वतंत्र की नीशू के पिता से मारपीट हुई थी

गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में CJP का प्रदर्शन
स्वतंत्र की गिरफ़्तारी को लेकर CJP ने आज दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में प्रदर्शन किया। CJP की मांग थी कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो। पुलिस और CJP प्रतिनिधियों के बीच करीब 3 घंटे बैठक चली। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट लगेगा और 72 घंटे के अंदर गिरफ्तारी होगी।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका को पुलिस ने बैरेकेडिंग लगाकर रोक दिया था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से बात की।

अब पढ़िए स्वतंत्र ने बुलंदशहर में क्या-क्या कहा?
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज शुक्रवार दोपहर आखिरी बार नैथला गांव से खुर्जा की ओर जाते हुए देखा गया। भारद्वाज एक बुलेट पर पीछे बैठा था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट लगा रखा था।
सुबह स्वतंत्र जेवर से निकलकर बुलंदशहर होते हुए दिल्ली जा रहा था। तभी उसने हसनपुर में रुककर मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की।
भारद्वाज ने कहा- जिसे लोग हमला बता रहे हैं, वह किसी पर हमला करने की कोशिश नहीं थी। अपनी जान बचाने के लिए की गई आत्मरक्षा थी। 10 से 15 लोगों की भीड़ ने मुझे घेर लिया था। अगर मैं आत्मरक्षा में कदम नहीं उठाता तो भीड़ मेरी जान भी ले सकती थी। इसी दौरान बचाव करते समय एक व्यक्ति के सिर पर चोट लगी थी। ये कहना मुश्किल है कि उसे चोट मेरे हाथ वाले कड़े से लगी थी। मेरा इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। मेरे पास उस वक्त के सारे वीडियो मौजूद हैं। मैं तो देश के चौथे स्तंभ यानी मीडिया पर जो लोग हमला कर रहे थे, उनके खिलाफ था।
राहुल गांधी के दावे को बताया फर्जी
स्वतंत्र ने आगे कहा- दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उनके पास इस पूरी घटना के वीडियो सबूत हैं। वे पुलिस की चल रही जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

आरोपी बोला- चाहे ट्रंप आएं या नेतन्याहू, कोई कुछ नहीं कर सकता
स्वतंत्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य लोगों की तरफ से सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही पॉडकास्ट क्लिप को फर्जी बताया। उसने कहा- चाहे ट्रंप आ जाएं या नेतन्याहू आ जाएं। या राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सड़क पर आ जाए, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं तो सनातन के लिए काम करता हूं।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा की मदद से रिहाई मिलने के आरोपों पर भारद्वाज ने कहा- कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाई जैसे हैं। रिहाई वाली सिर्फ मजाक में कही गई थी। लोगों ने उसे गलत तरीके से समझ लिया। अभी इस मामले में जांच जारी है।
मारपीट मामले में पीड़ित, आरोपी और दिल्ली पुलिस का पक्ष

1. पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद
CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। संजय की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज हुआ। नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ा गया और डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
2. आरोपी- स्वतंत्र भारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी।
3. दिल्ली पुलिस का पक्ष
पुलिस के मुताबिक 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा (ब्रेसलेट) लगने से चोट आई। संजय को RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिको लीगल केस में चोट साधारण बताई गई।
पुलिस ने खोपड़ी फटने/फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया। सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों को नोटिस देकर पूछताछ की गई और पुलिस का कहना है कि कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है तथा जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
नीशू के पिता का वायरल वीडियो, धमकी देते देखे; सफाई में बोले- ये आधी सच्चाई

नीशू के पिता संजय का यह वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि उन्होंने सफाई में कहा कि ये वीडियो अधूरा है, इसमें पूरी बात नहीं बताई गई।

चिराग पासवान बोले- स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरा नाम गलत इस्तेमाल किया
स्वतंत्र भारद्वाज ने चिराग पासवान का नाम लिया था। इस पर चिराग ने कहा, “यह घटना बेहद गंभीर है। जिस तरह से एक व्यक्ति खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी की इतनी बुरी तरह पिटाई की कि उससे उसकी मौत भी हो सकती थी।
इसे खुलेआम स्वीकार करने के बाद भी अगर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह देश और लोगों के सामने एक बहुत गलत उदाहरण पेश करेगा।
उस व्यक्ति ने कई राजनेताओं के नामों के साथ-साथ मेरे नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए मैंने उस व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। साथ ही, मैंने दिल्ली पुलिस से आग्रह किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।