इंदौर के बिल्डर विवेक दम्मानी को लॉरेंस गैंग के नाम पर 5 करोड़ की धमकी, विदेशी नंबर से कॉल-वॉइस मैसेज; पुलिस अलर्ट, सुरक्षा बढ़ी, जांच SIT को सौंपी

इंदौर के बिल्डर और नरेडको एमपी प्रेसीडेंट विवेक दम्मानी को लॉरेंस गैंग के नाम से 5 करोड़ की धमकी मिली है। विदेशी नंबर से कॉल और वॉइस मैसेज भेजे गए। पुलिस ने केस दर्ज कर सुरक्षा बढ़ाई और जांच एसआईटी को सौंपी है।

  • इंदौर के बिल्डर विवेक दम्मानी को धमकी मिली है।
  • लॉरेंस गैंग के नाम से 5 करोड़ मांगे गए हैं।
  • विदेशी नंबर से कॉल और वॉइस मैसेज भेजे गए हैं।
  • पुलिस ने केस दर्ज कर सुरक्षा बढ़ाई है।
  • मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

 

इंदौर के बिल्डर और नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) एमपी के प्रेसीडेंट विवेक दम्मानी को लॉरेंस गैंग से धमकी मिली है। धमकी के बाद उन्होंने इसकी जानकारी इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को दी और क्राइम ब्रांच में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए हैं। वहीं मामले की जानकारी डीजीपी द्वारा बनाई गई एसआईटी को भी दे दी गई है।

इस तरह से मिली धमकी

दम्मानी का इंदौर में रियल एस्टेट का बड़ा काम है। दम्मानी (Indore News) को भी लॉरेंस गैंग से हैरी बॉक्सर नाम से फोन आया। यह फोन विदेशी नंबर से था। हैरी उर्फ हरिचंद्र बॉक्सर ने कहा कि 5 करोड़ रुपए नहीं देने पर अंजाम बुरा होगा।

इसके बाद हैरी ने कॉल काटकर वॉइस मैसेज भेजा। धमकी के बाद दम्मानी ने इसकी जानकारी सीपी सिंह को दी। रात में ही उनके यहां दो सशस्त्र जवान तैनात कर दिए गए हैं।

बिल्डर संजय जैन, अस्पताल संचालक को आ चुकी धमकी

हाल ही में इंदौर के बिल्डर कॉन्ट्रेक्टर संजय जैन को भी 16 मार्च को धमकी मिली थी। इसकी शिकायत तुकोगंज थाने में हुई थी। इसके बाद अशोकनगर जेल में बंद शूटर मनीष जांगिड़ को इंदौर पुलिस रिमांड पर इंदौर लेकर आई थी और इससे पूछताछ की गई।

इंदौर में 12 फरवरी को महू मेवाड़ा अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी आई थी और 5 करोड़ मांगे गए थे। एक और बिल्डर को धमकी आ चुकी है, बताया जाता है कि वह तो रूपए भी दे चुके हैं।

एसआईटी भी बन चुकी है

एमपी में लॉरेंस गैंग के नाम से आ रही लगातार धमकियों को देखते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना ने इसकी जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी है। इसकी कमान एसटीएफ के एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को दी गई है।

दल में डीआईजी राहुल लोढ़ा भी हैं। टीम ने इंदौर, खरगोन, अशोकनगर, भोपाल केस की डायरी भी ली है। एसआईटी द्वारा जांच और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इसमें प्रदीप नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

वीपीएन नेटवर्क से समस्या

जांच एजेंसी को वीपीएन नेटवर्क से समस्या आ रही है। धमकी वाले नंबर इसी नेटवर्क के हैं। इसके चलते इनकी सही लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल काम है। इसलिए अभी तक मुख्य आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है।

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