मार्च के पहले सप्ताह में सूरत के खाद्य विभाग ने 1,400 किलोग्राम नकली पनीर जब्त किया। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में पंजाब में यह खुलासा हुआ कि कुछ डेयरी शौचालय साफ करने वाले पदार्थ और फर्श साफ करने वाले एसिड का इस्तेमाल करके पनीर बना रही थीं।
ये रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं। ये पाचन तंत्र से लेकर गुर्दे और यकृत तक हर चीज को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसलिए, आज हम सीखेंगे:
- नकली पनीर खाने से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं?
- असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें?

विशेषज्ञ:
डॉ. उमेश कुमार, खाद्य विश्लेषक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश
डॉ. अरविंद अग्रवाल, निदेशक, आंतरिक चिकित्सा एवं संक्रामक रोग विभाग, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली।
नकली पनीर कैसे बनाया जाता है?
नकली पनीर सस्ते वनस्पति या कृत्रिम सामग्रियों का उपयोग करके बनाया जाता है ताकि यह असली पनीर जैसा दिखे। इन बिंदुओं के माध्यम से जानें कि इसमें क्या-क्या मिलाया जाता है।
स्टार्च/मैदा आधारित पनीर
- स्टार्च (जैसे आलू/मक्के का स्टार्च) या मैदा (ऑल-पर्पस फ्लोर) को पानी में मिलाकर गाढ़ा किया जाता है।
- इसमें वनस्पति तेल और रासायनिक पदार्थ मिलाकर एक ‘ठोस ब्लॉक’ बनाया जाता है।
वनस्पति तेल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से बना पनीर
- सस्ते दूध पाउडर, हाइड्रोजनीकृत तेल और पायसीकारक पदार्थों को मिलाया जाता है।
- इस मिश्रण से पनीर के समान सफेद और मुलायम बनावट प्राप्त होती है।
डिटर्जेंट/सिंथेटिक योजक
- कुछ मामलों में, इसे झागदार/सफेद बनाने के लिए डिटर्जेंट या सस्ते रसायन मिलाए जाते हैं।
रबर/प्लास्टिक-प्रकार की नकल
- कुछ जगहों पर, इसे कठोर बनावट देने के लिए सिंथेटिक रेजिन जैसी चीजों का उपयोग किया जाता है।
एसिड या टॉयलेट क्लीनर से बना पनीर खाना कितना खतरनाक हो सकता है?
एसिड या टॉयलेट क्लीनर से बना पनीर खाने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
- इससे अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
- पाचन तंत्र क्षतिग्रस्त हो सकता है।
- गंभीर मामलों में, यह जानलेवा भी हो सकता है।
नकली पनीर से होने वाली किसी भी खतरनाक प्रतिक्रिया के सामने आने में कितना समय लगता है?
इसे ध्यानपूर्वक समझें।
नकली पनीर खाने के कुछ घंटों बाद
- मुंह, गले और पेट में तेज जलन
- उल्टी, खून की उल्टी
- पेट में तेज दर्द
- चक्कर आना, कमजोरी
नकली पनीर खाने के 2 दिन बाद
- आंतों में सूजन और अल्सर
- गंभीर निर्जलीकरण
- गुर्दे की क्षति कम रक्तचाप

मिलावटी पनीर से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं?
यह शरीर के लिए ‘धीमे जहर’ की तरह है। ग्राफिक में इसके स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखें।

असली और मिलावटी पनीर की पहचान कैसे करें?
असली और मिलावटी पनीर की पहचान कुछ आसान तरीकों से की जा सकती है-
1) जल परीक्षण
कैसे करें:
पनीर का एक छोटा टुकड़ा पानी में डाल दें।
असली पनीर:
- पनीर धीरे-धीरे नीचे बैठ जाता है।
- पानी का स्तर सामान्य बना हुआ है।
मिलावटी पनीर:
- पनीर पानी में तैरने लगता है।
- पानी थोड़ा धुंधला या झागदार हो जाता है।
2) रगड़ परीक्षण
इसे कैसे करना है:
पनीर को हाथ से हल्के हाथों से रगड़ें।
असली पनीर:
- बहुत नरम है और आसानी से टूट जाता है।
- इसकी बनावट दानेदार है।
मिलावटी पनीर:
- बहुत चिकना, रबर जैसा या चिपचिपा।
- देखने में प्लास्टिक जैसा लगता है।
3) गंध और स्वाद
असली पनीर:
- इसमें हल्की दूधिया खुशबू है।
- इसका स्वाद सादा और मलाईदार होता है।
मिलावटी पनीर:
- इसमें एक अजीब सी रासायनिक/साबुन जैसी गंध है।
- इसका स्वाद कड़वा या अजीब होता है।
4) आयोडीन परीक्षण (स्टार्च की जांच)
इसे कैसे करना है:
पनीर पर आयोडीन की 12 बूंदें डालें।
यदि पनीर का रंग नीला/काला हो जाता है, तो उसमें स्टार्च मौजूद होता है।
यदि रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है, तो यह वास्तविक है।
नकली पनीर की सबसे अधिक आपूर्ति कहाँ होती है?
जहां भी सस्ता खाना मिलता है, वहां नकली पनीर की आपूर्ति अधिक होती है। जहां मांग अधिक होती है और गुणवत्ता जांच की कोई उचित व्यवस्था नहीं होती है। जैसे-
- ढाबे और छोटे रेस्तरां
- स्ट्रीट फूड विक्रेता
- शादियों और बड़े आयोजनों के लिए (कैटरिंग)
- स्थानीय डेयरी
- अनब्रांडेड आपूर्ति श्रृंखला
- सस्ते होटल/मेस/कैंटीन
होटल/ढाबे में खाना खाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
इन जगहों पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, पनीर से बनी कोई भी चीज नहीं खानी चाहिए। इसके अलावा, होटलों और ढाबों में न खाई जाने वाली चीजों की पूरी सूची ग्राफिक में देखें।

खाना ऑर्डर करते समय इन बातों का ध्यान रखें।
- रसोई/काउंटर की स्वच्छता।
- चाहे खाना ताजा तैयार किया जा रहा हो या नहीं।
- कर्मचारी दस्ताने पहनने/स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
- अगर आपको कोई अजीब गंध या रंग दिखाई दे, तो उससे दूर रहें।
- यदि संदेह हो तो भोजन छोड़ देना ही बेहतर है।
सबसे सुरक्षित पनीर कौन सा है?
घर का बना पनीर सबसे शुद्ध और सुरक्षित होता है क्योंकि इसे घर पर दूध फाड़कर तैयार किया जाता है। अगर घर पर पनीर बनाना संभव न हो, तो ऐसे में-
- किसी भरोसेमंद स्थानीय डेयरी से ताजा पनीर खरीदें।
- यदि आप किसी डेयरी को लंबे समय से जानते हैं।
- उनका पनीर लिया जा सकता है।
- उनकी आपूर्ति श्रृंखला छोटी है। इसलिए, मिलावट की संभावना कम है।
- हालांकि, यदि डेयरी उत्पाद की पुष्टि नहीं हुई है, तो उसमें मिलावट का खतरा रहता है।
एफएसएसएआई द्वारा अनुमोदित पैकेटबंद ब्रांडेड पनीर
- गुणवत्ता जांच और मानकीकृत प्रक्रियाओं से गुजरता है।
- पैकेजिंग, समाप्ति तिथि और बैच संख्या मौजूद हैं।
- मिलावट की संभावना कम हो जाती है।
पैकेटबंद पनीर खरीदते समय लेबल पर क्या देखना चाहिए?
पैकेटबंद पनीर खरीदते समय लेबल पढ़ना बेहद ज़रूरी है। पनीर के पैकेट की गुणवत्ता, स्वच्छता और ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए लेबल पढ़ना आवश्यक है। लेबल पर क्या देखना है, यह जानने के लिए ग्राफिक देखें।

अगर गलती से नकली पनीर खा लें तो तुरंत क्या करें?
अगर आपने गलती से नकली पनीर खा लिया है, तो घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। सबसे पहले, खूब पानी पिएं ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाएं। अगर मतली, उल्टी, पेट दर्द या दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
जो नहीं करना है?
- उल्टी कराने का प्रयास करें।
- दूध/नींबू जैसे घरेलू उपचार।
अगर आपको नकली पनीर मिले तो शिकायत कहां और कैसे करें?
यदि आपको नकली पनीर में मिलावट का संदेह हो, तो आप संबंधित खाद्य प्राधिकरण से शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए-
- एफएसएसएआई के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
- एफएसएसएआई की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें।
- निकटतम नगर निगम या खाद्य निरीक्षक को सूचित करें।
- शिकायत करते समय, उत्पाद की फोटो, पैकेजिंग और बिल अवश्य साझा करें।