
कड़ी सुरक्षा में शांति का फूल खिले…
30 हजार जवानों का पहरा है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 30 हजार जवान तैनात हैं। एयर डिफेंस में आकाश मिसाइलों के साथ-साथ वायुसेना के लड़ाकू जेट भी तैनात हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए 11 होटल और 35 सुरक्षित रूट तय किए गए हैं। रूटों पर फेस रिकॉग्निशन कैमरे भी लगे हैं। गणतंत्र दिवस की तरह सख्त निगरानी व्यवस्था है। यहां एंटी एयरक्राफ्ट गन, एंटी ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर तैनात हैं। किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए एनएसजी के 100 से अधिक ब्लैक कैट कमांडो और दिल्ली पुलिस की स्वेट टीमें तैनात की गई हैं। भारत मंडपम और जहां विदेशी मेहमान रुके हैं, उन 11 प्रमुख होटलों के आसपास आसमान से निगरानी के लिए हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम और रडार तैनात किए गए हैं। 13 सितंबर तक नई दिल्ली में सख्त नियम लागू हैं। दिल्ली से सटे बार्डर्स पर आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तैयार यह राजधानी नई दिल्ली का दृश्य है। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट 2026 आयोजित की जा रही है। ब्रिक्स समिट 2026 का बिजनेस फोरम के साथ आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो गई है।वहीं दुनिया के एक और ताकतवर देश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंच रहे हैं। ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले तमाम राष्ट्राध्यक्षों और उनके प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बैठक करेंगे। और बातों बातों में कहीं न कहीं भारत के मन में यही है कि विश्व में शांति की खुशबू फैले। मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट तोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्टे नदयिशिमिये,नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ बैठक होगी।
बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, आज के समय में दुनिया बेहद जटिल दौर से गुजर रही है. ऐसे में ब्रिक्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। मोदी-पुतिन के बीच बैठक में पश्चिम एशिया और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा हुई, इसके अलावा कई वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। मीटिंग से पहले पीएम मोदी ने पुतिन को किताब भेंट करते हुए कहा, ‘यह तमिल कवि तिरुवल्लुवर की लिखी किताब है, जो मानव मूल्यों से जुड़ी हुई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी ने डिप्लोमेसी और डायलॉग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है और भारत शांति प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह साल एक मील का पत्थर है। यह एक मील का पत्थर इसलिए है क्योंकि हम ब्रिक्स के संस्थागत सहयोग के 20 साल पूरे कर रहे हैं।
दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। तो केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमें मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि हम अपने कामों को अपने लोगों के लिए नौकरियों में और ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए धन और समृद्धि में बदल सकें। ये देश दुनिया की आधी आबादी और ग्लोबल जीडीपी के 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तो यही कामना है कि ब्रिक्स के देश खूब उन्नति करें, खूब समृद्ध हों और पूर्ण शांति के साथ पारस्परिक मैत्री को कायम रखें। रूस और यूक्रेन युद्ध खत्म हो। ब्रिक्स की ईंटें रूस-यूक्रेन के बीच शांति की सीमा का निर्माण करें तो कड़ी सुरक्षा में ब्रिक्स की बैठक में शांति का फूल खिले और ईरान सहित अन्य सभी देशों में शांति की खुशबू फैले। मोदी ने पुतिन को तिरुवल्लुवर की कविता की किताब को रूसी में अनुवादित करवाकर भेंट किया है। लगता यही है कि तिरुवल्लुवर के क्षमा पर यह भाव शायद पुतिन के लिए ही हैं-
यद्यपि कोई आपसे, करता अनुचित कर्म।
अच्छा उस पर कर दया, करना नहीं अधर्म ॥
अहंकार से ज़्यादती, यदि तेरे विपरीत।
करता कोई तो उसे, क्षमा-भाव से जीत॥

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।