नारी शक्ति अपमान से आक्रोशित मोहन… कौशल किशोर चतुर्वेदी

नारी शक्ति अपमान से आक्रोशित मोहन…
नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के खारिज होने और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसने से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खासे आक्रोशित हैं। नारी सम्मान की खातिर केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए तीन दिवसीय विशेष सत्र के बाद अब नारी अपमान से आहत मध्य प्रदेश सरकार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है।मध्यप्रदेश सरकार में नारी सम्मान का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिनाया कि प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं। दस जिलों में महिला एसपी हैं। एक संभागीय कमिश्नर महिला है। और अब भाजपा उसी रणनीति पर आगे बढ़ रही है जब विपक्ष को जन-जन के बीच नारी अपमान का दोषी साबित किया जाएगा। 19 अप्रैल 2026 को पत्रकार वार्ता कर विरोध का शंखनाद किया गया तो अब प्रदर्शन और विरोध यात्रा के जरिए कांग्रेस सहित विपक्ष को कटघरे में खड़ा करने का काम भारतीय जनता पार्टी करने जा रही है। सशक्त विरोध का यही कौशल शायद भाजपा को अपने विरोधियों से कोसों मील आगे खड़ा करने में सक्षम बनाता है। तीन दिन के विशेष सत्र में यदि भाजपा की जीत होती तब भी उसकी जीत थी और यदि भाजपा की हार हुई है तो उसे भी वह अपनी जीत बनाकर रहेगी। और सदन में अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जो खिल्ली उड़ाई है, उससे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शायद सबसे ज्यादा आहत हुए हैं। और उन्होंने पत्रकार वार्ता में भी खास निशाना साधा कि लड़की हूं लड़ सकती हूं, का नारा लगाने वाली ने नारी शक्ति को अपमानित करने का कार्य किया है। खैर जो होना था वह हो गया है अब आगे अगर देखने वाली बात है तो वह
विपक्ष के सीखने के लिए काफी है कि हार को भी जीत में बदलने का भाजपा का जज्बा किस तरह काम करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देश की आधी आबादी को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को गिराना महिलाओं के अधिकारों के चीरहरण जैसा है। कांग्रेस व विपक्षी दलों ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है। राष्ट्रहित के कार्य को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राजनीति के तराजू से तौला व महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने देकर नारी शक्ति को उसका अधिकार नहीं मिलने दिया। कांग्रेस की एक नेत्री हैं जो कहती हैं कि लड़की हूं लड़ सकती हूं, उन्होंने भी महिला आरक्षण का पुरजोर विरोध कर देश की नारी शक्ति को अपमानित करने का कार्य किया है। और जो डॉ. मोहन यादव ने सीधे सीधे नहीं बोला वह यही था कि प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी सीधे अपमानित किया है। मोहन यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्पष्ट कह चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे। भाजपा कहती नहीं करते दिखाती है। मध्यप्रदेश के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं। एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं। भाजपा प्रदेशभर में जन-जन को बताएगी कि किसने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। मध्यप्रदेश में भी इसको लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। 20 अप्रैल को भोपाल में बड़ी आक्रोश रैली व पदयात्रा निकाली जाएगी। इसी प्रकार से आने वाले दिनों में भाजपा संगठन सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर प्रदेश के अन्य बड़े जिलों, संभागों में आक्रोश रैली व पदयात्राएं निकालकर जनता तक अपनी बात पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा चुप नहीं बैठने वाली है। जब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिला दिया जाता, भाजपा प्रयास करती रहेगी। प्रदेश के विधानसभा का एक दिवसीय सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी। प्रदेश के सभी नगर पालिका, नगर पंचायतों और नगर निगमों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे।
तो गौर करने वाली बात यही है कि सत्ता में रहकर भी विपक्ष के विरोध करने की जो रणनीति भाजपा अपनाती है, उससे विपक्ष भी सीख ले सकता है। नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के मामले में भी आगामी दिनों में मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में भाजपा का यही रणनीतिक कौशल सड़कों पर नजर आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
का आक्रोश यही बता रहा है कि भाजपा, विपक्ष को कटघरे में खड़ा कर सदन में खारिज हुए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का गुनहगार उसे ठहराकर ही मानेगी। विपक्ष इस मुद्दे पर भाजपा की रणनीति का मुकाबला किस तरह से कर पाता है यह गौर करने वाली बात होगी…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं

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