सागर को केंद्र में रखकर पूरे मध्यप्रदेश में शुद्धीकरण मोहन के हाथ में… कौशल किशोर चतुर्वेदी

सागर को केंद्र में रखकर पूरे मध्यप्रदेश में शुद्धीकरण मोहन के हाथ में…
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अपनी दुबई यात्रा से लौटकर 9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली से सीधे सागर पहुंचे सीएम डॉ. यादव ने कहा है कि दोषियों को ऐसी सजा देंगे कि दोबारा कोई इस तरह की हिम्मत नहीं करेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अस्पताल में मरीजों से की मुलाकात की। प्रशासनिक अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। और प्रदेश के मुखिया ने अफसरों को कार्रवाई के लिए फ्री-हैंड दिया है।
मरीजों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मैंनें यहां जहरीली शराब के सेवन से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। इस मामले को लेकर मैंने यहां प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। कांग्रेस के शासनकाल में इस प्रकार के मामलों को लेकर कठोर कानून नहीं थे। लेकिन, हमारी सरकार ने इस मामले पर कानून बनाया। इसमें 49-क और 304 धारा को जोड़ते हुए हत्या से लेकर, आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान किया। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह कठोर से कठोर कार्रवाई करे। अभी भी जहां-जहां भी कहीं और भी आवश्यकता लगती हो तो कठोर कार्रवाई करे। अवैध अतिक्रमण जैसे मामलों में भी एक्शन ले। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा है कि वह सीमा से लगे हुए राज्यों के अधिकारियों से भी संपर्क करें। हम दोषियों पर ऐसी कार्रवाई करेंगे कि दोबारा किसी की इस तरह के काम करने की हिम्मत नहीं होगी। हमने पूरे राज्य में निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम शराब बंदी के लिए धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं। किसी के घर के पिता-पुत्र की मौत होना बहुत कष्टकारी है। मैं इस मामले में कांग्रेस के नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि इस तरह के मामले में राजनीति न करके एकजुटता दिखाएं। मैं नेता प्रतिपक्ष से अपील करता हूं कि हम सभी मिलकर इस चुनौती का सामना करें।
यहां तक सारी बातें अच्छी हैं और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सोच भी अच्छी है। लेकिन सागर में जहरीली शराब से दो दर्जन से ज्यादा मौत की जो घटना हुई है वह अति दुर्भाग्यपूर्ण है। और इस बात में कहीं कोई संदेह नहीं है कि विपक्ष की भूमिका सरकार की प्रशंसा अथवा आलोचना करना ही है। प्रदेश में अगर तंत्र की कोई खामियां हैं तो उन्हें सुधारने के लिए सरकार को ही सारी कवायद करनी पड़ेगी। सागर की घटना एक संकेत है, एक चेतावनी है और यह बताने के लिए काफी है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर भारी मात्रा में सुधार की गुंजाइश है। और सागर को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रदेश में शुद्धीकरण की एक मुहिम चला सकते हैं। और जब मध्य प्रदेश में सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं, तब इस महत्त्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए यह सही समय है। अगर अब भी कदम आगे नहीं बढ़ाए तब
स्थितियाँ भयावह हो सकती हैं। और तब विपक्ष आपदा को अवसर में बदलने में कोई चूक नहीं करेगा। सार की बात यही है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले कि दोबारा कोई इस तरह की हिम्मत नहीं करे। और तंत्र की खामियों को भी पूरी तरह से दूर कर मोहन अपनी सोच का मध्यप्रदेश बनाने में सफल हो सकेंगे। सागर यही कह रहा है कि मिशन-2028 को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे मध्य प्रदेश में शुद्धीकरण का वह अभियान चलाएँ जिसमें हर क्षेत्र का माफिया बचाओ-बचाओ की आवाज के साथ राज्य की सीमाओं को पार कर जाए…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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