इंदौर में मां-बेटी की हत्या, 8 साल के बेटे ने खोला राज: “पापा ने मम्मी-दीदी को तड़पा-तड़पाकर मार डाला”; बर्थडे के बहाने पत्नी को ले गए, चाकू मारे, बेटी को तालाब में डुबोया

ये बातें इंदौर के कनाड़िया के झलारिया निवासी 8 साल के अजय ने कही हैं। अजय की मां अनीता बाई (32) और बहन माही (10) की हत्या हो चुकी है। अनीता के मायके पक्ष ने भी सुनील पर लंबे समय से पीटने, परेशान करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

अनीता के पिता सुखराम ने बताया- करीब 10 साल पहले भी मारपीट की थी। सुनील के खिलाफ करीब 5-10 साल पहले पुलिस में शिकायत की गई थी। अनीता और सुनील के बीच विवाद नया नहीं था। मारपीट की घटनाएं पहले भी होती रही थीं।

अनीता के पिता सुखराम की तस्वीर है। दामाद पर हत्या के आरोप लगाए हैं।

सुनील की रिश्तेदार ने चरित्र के आरोपों को गलत बताया

सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने पत्नी अनीता के चरित्र पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अनीता का व्यवहार अच्छा था। उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। सुनील उनका भाई है, लेकिन दोनों परिवार अलग रहते थे।

मालती ने बताया कि हमारा ज्यादा आना-जाना नहीं था, इसलिए घटना के पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी नहीं है। बच्चों की हत्या की वजह पर उन्होंने कहा कि जब सुनील पत्नी की हत्या के मामले में झूठ बोल रहा है तो बच्चों के मामले में क्या कहा जा सकता है।

सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल की तस्वीर है।

मकान मालिक बोले- पत्नी के बाद बच्चों को लेकर गया था

मकान मालिक विक्रम चौधरी ने बताया कि सुनील चौहान करीब एक महीने पहले परिवार के साथ उनके मकान में किराए से रहने आया था। घटना वाली रात सुनील पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच घर से बाहर ले गया था।

इस दौरान बच्चे घर पर ही थे। पत्नी को बाहर ले जाने के कुछ देर बाद वह आया। इसके बाद बच्चों को भी अपने साथ ले गया। बाद में सुनील की बेटी और पत्नी की मौत की जानकारी सामने आई, जबकि बेटा किसी तरह बच गया।

मकान मालिक विक्रम चौधरी ने बताया- पत्नी के बाद बच्चों को लेकर गया था।

अब पढ़िए 8 साल के अजय ने क्या बताया ?

किसी तरह तालाब से बाहर आया

अजय के मुताबिक, उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उसके पिता सुनील चौहान ने मां के साथ मारपीट की। बाद में वह दोनों बच्चों को लेकर हिंगोनिया के पास तालाब पहुंचा। पिता ने उसे और माही को पानी में फेंक दिया।

इस दौरान वह किसी तरह तालाब से बाहर निकल आया और अकेला पुलिस तक पहुंचा। बच्चे की सूचना पर पुलिस ने तत्काल आरोपी सुनील को तलाशना शुरू किया। कुछ देर बाद पुलिस ने झलारिया गांव से पकड़ लिया।

तालाब से मिला अनीता का शव

पूछताछ में उसने पत्नी पर चाकू से हमला करने और बच्चों को तालाब में फेंकने की बात बताई। उसकी निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। रातभर चले एसडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन में माही का शव भी तालाब से मिल गया।

पुलिस की शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिले हैं। गला घोंटने की बात भी सामने आई है। माही की मौत पानी में डूबने से होना प्रतीत हो रही है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

परिजन के मुताबिक- सुनील और अनीता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता से दूसरे लोगों के बातचीत करने को लेकर सुनील उस पर शक करता था। करीब 20 दिन पहले भी वह गांव गया था। मारपीट के बाद अनीता को बच्चों के साथ इंदौर लेकर आया था।

वारदात के बाद यह भी सामने आया कि सुनील की बड़ी बेटी अनुष्का उसके साथ नहीं रहती थी। उसके साथ भी मारपीट की जाती थी, इसलिए वह अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। ससुराल पक्ष पहले भी सुनील के खिलाफ मारपीट की शिकायत कर चुका है

पुलिस की टीम देर रात मौके पर पहुंची थी।

बापू गांधी नगर से झलारिया आया था रहने

सुनील का परिवार भी कांटाफोड़ का रहने वाला है। वह पेशे से ड्राइवर है। परिवार के साथ कुछ समय पहले ही बापू गांधी नगर से झलारिया के किराए के मकान में रहने आया था। अनीता मूल रूप से देवास जिले के कांटाफोड़ की रहने वाली थी। वह करीब 17-18 साल से इंदौर में रह रहा है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में हत्या के पीछे की पूरी वजह, घटना की टाइमलाइन और आरोपी ने वारदात की योजना पहले से बनाई थी या नहीं, समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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