बीरभूम में पुलिस रेड से हड़कंप: पूर्व बस ड्राइवर और कथित बालू माफिया मीनार मंडल के घर से 35 बोरियों में 28 करोड़ कैश, 15 किलो सोना बरामद, नोट गिनते-गिनते 5 मशीनें भी हुईं बंद

कोलकाता:पश्चिम बंगाल पुलिस बीरभूम जिले के एक घर में जब छापा मारने पहुंची तो अंदर का नजारा देख वह सन्न रह गई. घर के भीतर का सीन किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं था. कमरे में नोटों से भरी बोरियां और बेतहाशा सोना देख पुलिस वालों की आंखें भी चौंधिया गईं. ये नजारा था

बंगाल के बीरभूम में पूर्व ड्राइवर के घर से मिला कुबेर का खजाना.

एक पूर्व सरकारी बस चालक के घर का. एक नॉर्मल से दिखने वाले घर में 28 करोड़ रुपये कैश और 15 किलो सोना हो सकता है, ये तो पुलिस ने भी नहीं सोचा होगा.

5 मशीनों से गिने गए बोरियों में भरे नोट

रकम इतनी ज्यादा थी कि उसे हाथों से गिनना को संभव नहीं था. जिसके बाद पुलिस ने नोट गिनने वाली 5 मशीनें मंगवाईं. तब जाकर बोरों में भरी रकम को गिनना शुरू किया गया. जानकारी के मुताबिक, नोट इतने ज्यादा थे कि मशीनें भी जवाब दे गईं. नोट गिनने की मशीनें बीच में ही बंद हो गईं. कई घंटों के बाद इस काले धन की गिनती की जा सकी. इस धन कुबेर का नाम मीनार मंडल है, जो पहले सरकारी बस का ड्राइवर हुआ करता था, हालांकि आजकल रेत माफिया बन गया है.

28 करोड़ कैश, 15 किलो सोना

उसके घर ने मिले नकदी और सोने को ले जाने के लिए पुलिस को लोहे के 5 बड़े बक्शे मंगवाने पड़े. उसमें भरकर ये रकम और सोना पुलिस अपने साथ ले गई. पूर्व ड्राइवर मीनार मंडल उर्फ टुल्लू मंडल उर्फ ​​मोहम्मद नजीबुद्दीन का देवचा गांव स्थित दो मंजिला मकान है. इसी मकान पर पुलिस छापेमारी करने पहुंची थी. उसके घर से एक-एक किलो वजन की सोने की 14 छड़ें और 100-100 ग्राम के सोने के 10 बिस्कुट बरामद हुए. जब्त सोने की वर्तमान कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये है.

पूर्व बस ड्राइवर के घर में इतना पैसा?

अधिकारियों ने बताया कि कई थैलों में भरी यह नकदी 28 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. मीनार मंडल का बीरभूम के पत्थर खनन व्यवसाय में बड़ा कारोबार है. उसे सीएम शुभंदु ने ‘बालू माफिया’ संचालक कहा है. बीरभूम में कथित अवैध खनन और राजस्व चोरी के खिलाफ जारी एक बड़ी कार्रवाई के बीच इस मामले का खुलासा हुआ है. बता दें कि बंगाल का बीरभूम जिला लंबे समय से पत्थर व्यापार से जुड़े अवैध खनन और संगठित अपराध के आरोपों की वजह से जांच के दायरे में रहा है.

टुल्लू का नाम करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी मामले में सीबीआई जांच में सामने आया था. अगस्त 2022 में, एजेंसी ने जिले के मोहम्मद बाजार इलाके में उसके कार्यालय और गोदाम के अलावा उसकी कई संपत्तियों की तलाशी ली थी. ईडी ने उसी साल नवंबर में उसे पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया था.

पुलिस ने पहले भी किया था गिरफ्तार

ईडी का समन मिलने के 48 घंटों के भीतर, टुल्लू को बीरभूम पुलिस ने अक्टूबर 2022 में दर्ज हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया था. एक पुलिस सूत्र ने दावा किया कि जमानत मिलने के बाद, वह इस साल मई में राज्य चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से अंडरग्राउंड हो गया था.पुलिस के मुताबिक, टुल्लू बीरभूम के पत्थर कारोबार का एक बड़ा हिस्सा संभालता था. उसे कथित तौर पर बीरभूम तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख अनुब्रत मंडल का करीबी बताया जा रहा है. अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था और जमानत मिलने के बाद वे पार्टी के भीतर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए.