

जेन-ज़ी की शरण में सत्ता और विपक्ष…
युवा मतदाताओं की ताकत के सामने सत्ता के सिंहासन पर बैठने की चाह रखने वाले सभी जन नतमस्तक हैं। 8 अगस्त 2026 का दिन इसका साक्षी बना है। धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा
होने के बाद जेन-ज़ी ने अपना लोहा मनवा दिया है। जब भी कोई सरकार बनती है तो उसमें युवा मतदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। मोदी युग भी युवा मतदाताओं की देन ही है। और अब यही युवा कॉकरोच जनता पार्टी की नेक नियति का प्रशंसक बनकर सत्ता को लगातार आईना दिखा रहा है। दिल्ली, झारखंड, बिहार के दृश्य अब सत्ता और विपक्ष दोनों की धड़कने बढ़ा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकारें बनाने में भी युवाओं की भूमिका है और कोई भी सरकार बिना युवाओं के समर्थन के सत्ता का सुख नहीं भोग सकती। इसीलिए सत्ता और विपक्ष अब जेन-ज़ी शरणम् गच्छामी हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का युवाओं के साथ संवाद युवा शक्ति की गौरव गाथा का वर्णन ही कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की ताकत पर भरोसा जताया है और उन्हें ही विकसित भारत का आधार माना है।पीएम मोदी की जेन-ज़ी से सीजेपी प्रोटेस्ट के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर बात हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए अपने मन की बात जेन-ज़ी के सामने रख दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बाबा बागेश्वर का जिक्र किया और कहा कि वह बाबा बागेश्वर तो नहीं हैं, लेकिन छात्रों के मन में भविष्य को लेकर कुछ न कुछ जरूर चल रहा होगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें आप पर भरोसा है। देश को आपकी जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की देश के प्रति जिम्मेदारी होती है और युवाओं के लक्ष्यों में देश का सर्वांगीण विकास शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि हर पीढ़ी को अपने समय की खास चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है… अगले 30 से 35 सालों में आप जो कुछ भी करेंगे, उसका असर ‘विकसित भारत’ की ओर हमारे सफर पर पड़ेगा। इसलिए आपके हर फैसले का आधार यह भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा? इससे देश की कौन-सी जरूरतें पूरी होंगी? यानि कि मोदी ने युवाओं को यह समझाने की कोशिश की है कि विपक्ष के बहकावे में न आकर युवाओं को राष्ट्रहित में फैसले लेने चाहिए।
वहीं 8 अगस्त 2026 को ही उत्तर प्रदेश के प्रयागारज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद दिया। इस दौरान उन्होंने सरकारी नौकरी से लेकर पेपर लीक तक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि 1000 में से 12 युवाओं को नौकरी मिलती है। आपका डाटा बेचा जाता है। कहा कि ये रील-वीडियो 21वीं सदी का नशा है। रील-वीडियो बनाते रह जाओगे, नौकरी नहीं मिलेगी। राहुल गांधी ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा सरकार आई है, देश में रोजगार के सभी दरवाजे बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट, लोन मिलने में दिक्कतें, परीक्षा के पेपर लीक होना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा नौकरियों की जगह लेना युवाओं के भविष्य की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। देश भर में हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर राहुल ने कहा कि युवाओं ने अपने डर का सामना करके अंधेरे में रोशनी जलाई और ऐसा करके देश को बदलने में मदद की। राहुल ने कहा, हम कभी भी नफरत या हिंसा का सहारा नहीं लेंगे। हम प्यार और स्नेह से व्यवस्था बदलेंगे, और युवाओं से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, सोशल, पॉलिटकल इकोनॉमिक, पैसे से अंबानी और अडानी की आमदनी 10 साल में 30 गुना बढ़ गई है। नरेंद्र मोदी आपका ध्यान भटकाकर पॉलिटिकल सेक्टर चला रहे हैं। 10 साल में भाजपा का बैंक बैंलेंस 150 करोड़ रुपये से 10 हजार करोड़ तक पहुंच गया। भाजपा के राज में भारत की हर संस्था में प्रचारक हैं। ब्यूरोक्रेसी में प्रचारक, मीडिया में प्रचारक, ज्यूडिसरी में प्रचारक, यूनिवर्सिटी और कॉलेज को आरएसएस के प्रचारक चला रहे हैं।
कुल मिलाकर सत्ता ही सबका लक्ष्य है। और इस लक्ष्य तक पहुंचाने का काम युवा मतदाता ही करता है। और
इसी युवा को तार्किक रूप से अपने अपने पक्ष में करने की कवायद कॉकरोज जनता पार्टी के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद तेज हो गई है। सबकी नजरें 2029 लोकसभा चुनाव पर ही हैं। और इसीलिए सत्ता और विपक्ष जेन-ज़ी की शरण में नजर आ रहे हैं… यहाँ तक कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी जेन-ज़ी को ज्यादा ईमानदार और ज्यादा राष्ट्रभक्त बताकर संकेत दे दिए हैं कि इन्हें नकारकर कोई भी राजनैतिक दल बेहतर भविष्य के सपने नहीं बुन सकता…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।