मध्यप्रदेश के देवास में जनपद सदस्य के पति ने सब-इंजीनियर पर डंडे से हमला कर दिया। आरोपी डंडा लेकर उनके पीछे दौड़ा। हमले में इंजीनियर के सिर में चोट आई और उन्हें जान बचाने के लिए पास के एक घर में छिपना पड़ा। मंगलवार को घटना का वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इंजीनियर के पीछे जनपद सदस्य पति डंडा लेकर दौड़ रहे हैं।
घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उदयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पांडू तालाब कार्यालय की है। सब-इंजीनियर गोविंद डाबर वहां शासकीय कार्य के दौरान मौजूद थे, तभी जनपद सदस्य रायकुबाई डोडवे के पति संतोष डोडवे ने उन पर हमला कर दिया।

जनपद सदस्य का पति डंडा लेकर पंचायत कार्यालय पहुंचा।

आरोपी ने सब इंजीनियर पर हमला कर दिया। उन्हें जान बचाने बाहर भागना पड़ा।
निर्माण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे अफसर
डाबर के कार्यक्षेत्र में उदयनगर की करीब 10 पंचायतें शामिल हैं। कुछ दिन पहले संतोष डोडवे, निवासी झाड़कापुरा (ग्राम पंचायत देवनलिया), ने उन्हें नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बुलाया था।
निरीक्षण के दौरान डाबर ने पाया कि प्रस्तावित स्थान पर पहले से चबूतरा बना है, जिससे तकनीकी रूप से वहां निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने नियमानुसार अन्य स्थान चुनने की सलाह दी थी। इसी बात से नाराज होकर संतोष डोडवे डंडा लेकर कार्यालय पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।

सब इंजीनियर ने उदयनगर थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की FIR
हमले के बाद डाबर उदयनगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी विजेंद्र सोलंकी के मुताबिक, इंजीनियर को गंभीर चोट नहीं आई है और मामले की जांच जारी है।
जान बचाने घर में छिपे, गेट बंद कर लिया
गोविंद डावर ने बताया कि जनपद सदस्य के पति संतोष डोडवे लट्ठ लेकर मौके पर पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। घटना से कुछ समय पहले, सोमवार सुबह करीब 11 बजे जनपद सदस्य ने उन्हें फोन कर निर्माण कार्य को लेकर बात की थी। उस समय उन्होंने बताया था कि वे कन्नौद की ओर जा रहे हैं।
इसके बाद आरोपी अचानक मौके पर पहुंचा और मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वे पास के एक घर में जाकर छिप गए और गेट बंद कर लिया। आरोपी करीब 10 से 15 मिनट तक बाहर खड़े होकर धमकाता रहा और बाहर आने के लिए कहता रहा। बाद में जब ग्रामीण मौके पर जुटने लगे, तो वह वहां से चला गया।