भोपाल में भाजपा, इंदौर में संघ और कांग्रेस को मिला सुप्रीम कोर्ट का संग… कौशल किशोर चतुर्वेदी

भोपाल में भाजपा, इंदौर में संघ और कांग्रेस को मिला सुप्रीम कोर्ट का संग…
मध्यप्रदेश में 4 नवंबर 2026 की तारीख भाजपा, आरएसएस और कांग्रेस सभी के लिए बड़ी खास रही। भोपाल में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली का आयोजन किया तो इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यकारिणी की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वहीं मध्यप्रदेश की बीना विधानसभा सीट पर दलबदल संबंधी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने में फैसला करने का सुप्रीम ऑर्डर जारी कर दिया है। दरअसल, कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे का कांग्रेस से मोहभंग होने के बाद भी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी सदस्यता पर फैसला नहीं लिया जा रहा है। इसको लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कांग्रेसी खेमे में खुशी का माहौल है।
‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर भाजपा द्वारा भोपाल में आयोजित पदयात्रा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सहभागिता की। जगत प्रकाश नड्डा ने आईना दिखाया कि कांग्रेस के अबोध बालक ईवीएम की चिंता छोड़ आत्मचिंतन करें। कांग्रेस साजिश के तहत संवैधानिक संस्थाओं के बहाने देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की 140 करोड़ जनता के दिलों में बसते हैं। दुनियाभर में बनी भारत के चुनाव आयोग की साख को कांग्रेस तार-तार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि न्यायालय ने जब-जब कांग्रेस के खिलाफ निर्णय दिया, कांग्रेस ने न्यायपालिका का अपमान किया है। देश में लगाया गया आपातकाल न्यायपालिका के अपमान का सबसे बड़ा उदाहरण है। राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की आड़ में स्वयं की राजनीति चमका रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव जरूरी है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि, कांग्रेस इस विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। तो भोपाल के अटल पथ पर आयोजित पदयात्रा में किसने क्या कहा यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस के किसी भी अभियान के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन कर भाजपा यह साबित कर देती है कि वह वास्तव में कैडर बेस पार्टी है। और यही कैडर उसकी ताकत है। चाहे सत्ता में रहे अथवा विपक्ष में, भाजपा की इसी ताकत ने उसे हमेशा मजबूत बनाए रखा है। और सत्ता पाने और सत्ता में लगातार बने रहने का मूलमंत्र, भाजपा का यही कैडर बेस फॉर्मूला है। और कांग्रेस को भी भाजपा से पार पाने के लिए अब इसी राह पर चलना पड़ेगा।

उधर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एसआईआर को सही बताया है।सरकार्यवाह दत्तात्रेय बोले कि देश में अराजक शक्तियां, जेन-ज़ी आंदोलन की दिशा सही हो। संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के बाद दत्तात्रेय ने कहा कि एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट की जांच और सुधार किया जा रहा है। इसमें गलत क्या है? मेरा नाम भी पैतृक गांव और उस जगह की वोटर लिस्ट में दर्ज है, जहां मैं रहता हूं और हर साल वोट डालता हूं। मुझे भी चुनाव आयोग का नोटिस मिला है। जब मेरा नाम दो जगह दर्ज है, तो ऐसा क्यों होना चाहिए? उन्होंने कहा कि जब टीएन शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे, तब बिहार चुनाव के दौरान भी वोटर लिस्ट में ऐसा काम हुआ था। क्या उस समय यह गलत था? तब केंद्र में किसकी सरकार थी? वोटर लिस्ट की जांच और सुधार का काम लगातार होते रहना चाहिए। गलत नाम हटने चाहिए। इसी तरह अगर भारत के नागरिक नहीं होने के बावजूद कुछ लोग वोटर लिस्ट में शामिल हैं, तो यह आर्थिक और सामाजिक दोनों नजरिए से गलत है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक इन्दौर में संपन्न हुई। बैठक के अंतिम दिन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि बैठक में देशभर से 406 अपेक्षितो में से 398 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतिवर्षानुसार दशहरा और दीपावली के बीच आयोजित इस बैठक में देश और दुनिया में शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों के वृत्त को प्रस्तुत किया गया। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम समाज के व्यापक सहयोग से संपन्न हुए । यह समाज की सज्जन शक्ति को संघ से अवगत कराने का अवसर था। शताब्दी वर्ष में शाखाओं को अधिक प्रभावी एवं नियमित बनाने, उनका दृढ़ीकरण करने तथा अधिकाधिक स्थानों पर शाखाएं प्रारंभ करने के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ। देश में कुल 63,208 स्थानों पर 99,423 दैनिक शाखायें लग रही है। इस वर्ष दैनिक शाखाओं की संख्या में 12,025 की वृद्धि तथा शाखा स्थानों में 8,156 स्थानों की वृद्धि हुई। कुल 26,826 स्थानों पर 34,982 साप्ताहिक मिलन और 13,363 स्थानों पर 14,096 मासिक मंडली लग रही है। साप्ताहिक मिलन संख्या में 2,712 तथा मासिक मंडली संख्या में 463 की वृद्धि हुई। पिछले वर्ष 93,156 कुल स्थानों की तुलना में इस वर्ष कुल 1,03,397 स्थान प्रत्यक्ष संघ कार्ययुक्त हो गए है। संघ की भौगोलिक रचना में अब 46 प्रांतों के स्थान पर 88 संभाग होंगे। शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार और समाज में संघ, हिंदुत्व पंच-परिवर्तन के विचार को ले जाने की दृष्टि से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये।
तो कांग्रेस की बड़ी उपलब्धि के तहत निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश 4 नवंबर 2026 को आया है। इसमें एमपी विधानसभा अध्यक्ष को दो महीने में फैसला करने का आदेश दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद निर्मला सप्रे के भाजपा में शामिल होने का मामला सामने आया था। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सबूतों के आधार पर दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई थी। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने उमंग सिंघार की ओर से पक्ष रखा।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीना से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के महत्व को रेखांकित करता है।
तो मध्य प्रदेश में 4 नवंबर 2026 की तारीख भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और कांग्रेस तीनों के लिए खास रही है। अटल पथ पर भाजपा ने लोकतंत्र बचाने के लिए पदयात्रा की तो इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें एसआईआर का समर्थन किया गया तो जेन-ज़ी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए गए। वहीं, लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बीना विधानसभा सीट से 2023 में जीती कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे द्वारा भाजपा से जुड़ने के बाद उनकी सदस्यता खत्म करवाने को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार प्रयास कर रही है, जिसमें उसे
चार नवंबर को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के सन्दर्भ में दिनभर के घटनाक्रमों को लेकर यही कहा जा सकता है किभोपाल में भाजपा, इंदौर में संघ और कांग्रेस को मिला सुप्रीम कोर्ट का संग…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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