सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में अब सिर्फ धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि उद्योगों के विस्तार पर भी सरकार की नजर है। इसी सिलसिले में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल आज विक्रम उद्योगपुरी का दौरा करने पहुंच रहे हैं।

उनके अचानक तय हुए दौरे को लेकर प्रशासनिक और औद्योगिक हलकों में हलचल है। संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी विक्रम उद्योगपुरी पहुंच गए हैं।मुख्य सचिव यहां औद्योगिक क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, कंपनियों को दी जा रही सुविधाओं और चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी लेंगे। दौरे के दौरान मेडिकल डिवाइस पार्क का निरीक्षण भी संभावित है।
इसके अलावा उज्जैन में नई कंपनियां लाने, निवेश बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्र को आगे विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, दौरे का विस्तृत कार्यक्रम सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि वे किन-किन इकाइयों का निरीक्षण करेंगे।

1100 एकड़ में बस रही औद्योगिक टाउनशिप
उज्जैन-देवास रोड पर नरवर के पास विक्रम उद्योगपुरी करीब 1100 एकड़ में विकसित की जा रही है। यह दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत बनाई जा रही इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप है। इसका मकसद उज्जैन को धार्मिक नगरी के साथ बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में भी पहचान दिलाना है।
यहां फार्मा, मेडिकल उपकरण, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और अन्य निर्माण से जुड़े उद्योगों के लिए जमीन और जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अलग-अलग कंपनियों के आने से इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

360 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क
विक्रम उद्योगपुरी की बड़ी परियोजनाओं में मेडिकल डिवाइस पार्क शामिल है। करीब 360 एकड़ में विकसित हो रहे इस पार्क में चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को जगह दी जा रही है। यहां कैथेटर, सिरिंज, डायग्नोस्टिक किट, ब्लड बैग और ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट जैसे उपकरण बनाने की योजना है।
जानकारी के मुताबिक, पार्क में 74 से ज्यादा विनिर्माण इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। कंपनियों को उत्पादन के साथ उपकरणों की जांच और गुणवत्ता परीक्षण जैसी सुविधाएं देने की भी योजना है। मुख्य सचिव के दौरे में इस परियोजना की प्रगति और आगे की तैयारियों पर खास नजर रह सकती है।

सिंहस्थ के साथ रोजगार और निवेश पर भी फोकस
सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में सड़क, पुल, रेलवे, पेयजल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम चल रहे हैं। इसी बीच सरकार की कोशिश है कि शहर के आसपास उद्योगों का भी विस्तार हो। विक्रम उद्योगपुरी में नई कंपनियां आने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकता है। साथ ही छोटे कारोबार और दूसरे सहायक व्यवसायों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव का यह दौरा इसी लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के बाद औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और नए निवेश को लेकर क्या फैसले सामने आते हैं।