अगर आप भी फ्लाइट टिकट कैंसिल होने पर कटने वाले भारी भरकम चार्ज से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म्स की मनमानी रोकने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं. अक्सर लोग जब ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं,

क्या आपका भी कटता है ज्यादा कैंसलेशन चार्ज? सरकार अब ऑनलाइन कंपनियों से मांगेगी जवाब
तो उस वक्त तो सब कुछ बहुत स्मूथ लगता है, लेकिन मजबूरी में अगर टिकट कैंसिल करनी पड़ जाए, तो जो अच्छा-खासा पैसा कटता है. फ्लाइट का टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड के नाम पर बहुत कम पैसे मिलना अब यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गया है. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग कंपनियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है.
उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के कैंसलेशन चार्ज की जांच के निर्देश दिए हैं. सरकार यह पता लगाएगी कि, क्या ये कंपनियां एयरलाइंस के नियमों से हटकर ग्राहकों से मनमाना शुल्क वसूल रही हैं.

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट कर दिया है कि, ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स से अब हिसाब किताब मांगा जाएगा. उपभोक्ता मामलों का विभाग और सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) मिलकर यह जांचेंगे कि कहीं ये कंपनियां एयरलाइंस के नाम पर यात्रियों से जरूरत से ज्यादा कैंसलेशन फीस तो नहीं वसूल रही हैं. सरकार का ध्यान इस बात पर भी है कि बुकिंग के वक्त क्या ग्राहकों को सभी नियम और चार्जेस साफ तौर पर बताए जाते हैं या नहीं.

यह जांच किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने सभी बड़े ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल्स को घेरे में लिया है. सरकार का मानना है कि यदि किसी भी स्तर पर यात्रियों को अंधेरे में रखकर अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है, तो यह सरासर अनुचित है. उम्मीद है कि इस जांच के बाद कैंसलेशन नियमों में पारदर्शिता आएगी, जिससे मुसाफिरों की जेब पर पड़ने वाली मार कम हो सकेगी. यह कदम भविष्य में यात्रियों के भरोसे को बहाल करने के लिए बेहद जरूरी है. यह खबर उन लाखों मुसाफिरों के लिए सुकून भरी है, जो अक्सर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ‘छिपे हुए नियमों’ के जाल में फंस जाते हैं.