सरकार तो मां, माटी और मानुष की ही बनेगी… और जनता का फैसला ही सर्वोपरि है… कौशल किशोर चतुर्वेदी


Warning: Undefined variable $post in /home2/a1785fee/public_html/wp-content/themes/newscard/functions.php on line 276

Warning: Attempt to read property "ID" on null in /home2/a1785fee/public_html/wp-content/themes/newscard/functions.php on line 276

Warning: Undefined variable $variable in /home2/a1785fee/public_html/wp-content/themes/newscard/functions.php on line 292

सरकार तो मां, माटी और मानुष की ही बनेगी… और जनता का फैसला ही सर्वोपरि है…

दक्षिण के गांधी को उपराष्ट्रपति बनाने के बाद भी मोदी-शाह तमिलनाडु में चुनाव परिणाम को लेकर तटस्थ हैं लेकिन पश्चिम बंगाल ने मोदी और दीदी सबको हैरानी में डाल रखा है। हालांकि, जैसा कि चौथी बार मुख्यमंत्री बनने को तैयार ममता बनर्जी कह रही हैं कि पश्चिम बंगाल में ‘मां, माटी और मानुष’ की सरकार बन रही है। तो इस बात में तो सौ फीसदी सच्चाई है। क्योंकि पश्चिम बंगाल में सरकार तो ‘मां, माटी और मानुष’ की ही बनेगी। फिर चाहे ‘जोड़ा घास फूल’ फूले या फिर ‘कमल’ खिले। हालांकि जिस तरह से ‘मोदी-शाह’ में पश्चिम बंगाल चुनाव में सक्रियता दिखाई है और चुनाव आयोग के साथ ही केंद्रीय बलों की सक्रियता ने अपना सिक्का जमाया है, उससे ममता का दिल बहुत तेजी से धड़क रहा है। पर फैसला तो जनता का ही सर्वोपरि और सर्वस्वीकार्य रहेगा। और 4 मई 2026 को आने वाले चुनाव परिणाम बहुतायत में भाजपा की सरकार बना रहे एग्जिट पोल्स की धज्जियां उड़ा सकते हैं या फिर उन पर अपनी मुहर भी लगा सकते हैं। और जो भी परिणाम होगा, वह मोदी को भी स्वीकार होगा और वह ममता को भी स्वीकार करना पड़ेगा। पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनाव में भी ऐसा परिदृश्य
सभी देख चुके हैं, जब चुनाव परिणाम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को जीत की शुभकामनाएं देने में देर नहीं की थी।
यह बात ही आज इसलिए हो रही है क्योंकि एग्जिट पोल के बाद ममता बनर्जी ने अपने पहले बयान में कहा था कि जनता का समर्थन उनके साथ है और सरकार ‘मां, माटी, मानुष’ के सिद्धांत पर ही बनेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी। वैसे, हम आपको बता दें कि बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस समते सभी राजनीतिक दल जीत का दावा कर रहे हैं। आपका और बीजेपी भी सरकार बनाने का दावा कर रही है। अगर भाजपा सरकार बनाने में सफल हुई तो ममता ने भूमिका पहले ही तैयार कर ली है। वह आरोप लगा चुकी हैं कि चुनाव के दौरान केंद्र सरकार, केंद्रीय एजेंसियों और कई राज्यों के नेताओं ने मिलकर बंगाल के लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ‘पूरी मशीनरी’ का इस्तेमाल किया गया, लेकिन जनता ने वोट के जरिए इसका जवाब दे दिया है। तो जनता यानि मतदाता अपनी भूमिका का भलीभांति निर्वहन कर ही चुके हैं। अब इंतजार है तो चार मई का। इसी दिन वोटों की गिनती होगी और चुनाव के परिणामों की घोषणा की जाएगी।
वैसे पश्चिम बंगाल में वोटिंग ख़त्म होने के एक दिन बाद ईवीएम और पोस्टल बैलट बॉक्स को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद हो गया था। गुरुवार, 30 अप्रैल की दोपहर से शुरू हुआ ये विवाद शाम तक काफ़ी बढ़ गया था और कई जगह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं, उनके समर्थकों और प्रशासन-पुलिस के लोगों के बीच बहस देखने को मिली थी।
तृणमूल कांग्रेस के लोग स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर पुलिस-प्रशासन पर ‘धांधली’ करने के आरोप लगाते दिखे थे और धरना भी चर्चा में रहा था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कोलकाता की भवानीपुर सीट पर स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंच गईं थी। इससे पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के काउंटिंग एजेंटों को हालात पर नज़र रखने और ‘निडर’ होकर काम करने का ‘हाई अलर्ट’ जारी किया था। वहीं बीजेपी ने कहा है कि ममता बनर्जी की पार्टी हार रही है, इसलिए ‘धांधली’ के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामला बढ़ता देख पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा था कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं। हर प्रक्रिया एजेंटों और ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में हुई है।
तो पश्चिम बंगाल चुनाव देश और दुनियाभर में चर्चा में है। पश्चिम बंगाल के आने वाले चुनावी नतीजों की चर्चा पड़ोसी बांग्लादेश की संसद में भी हो रही है। पश्चिम बंगाल के नतीजे आने से पहले बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में बीजेपी जीतती हुई दिख रही है, अगर बीजेपी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाती है, तो वे सभी बांग्लादेशियों को वापस भेज देंगे, इससे बांग्लादेश के लिए रिफ्यूजी संकट पैदा हो जाएगा।
तो बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है और अब सभी की नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है। तो पश्चिम बंगाल में सरकार मां, माटी और मानुष की ही बनेगी… और जनता का फैसला ही सर्वोपरि है और रहेगा…और मां, माटी और मानुष भी मतदाताओं के फैसले का सम्मान करने को तैयार है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *