
हमें गर्व है मनोहर और राजेंद्र पर…
मध्यप्रदेश सरकार ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर वैसे तो कई पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग पदकों से सम्मानित किया है। उन सभी की सेवाओं पर प्रदेश को गर्व है, लेकिन
हम खासतौर पर गौरवान्वित हैं दो सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक पाने वाले
मनोहर सिंह चौहान और राजेन्द्र मिश्रा के नाम पर। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अदम्य साहस और मानवता का परिचय देने वाले दो व्यक्तियों को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किया गया। इनमें मनोहर सिंह चौहान ने एक सामान्य नागरिक होने के नाते भी लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी देकर जो फर्ज निभाया, वह अद्वितीय और अतुलनीय है। वहीं पुलिस में एएसआई राजेन्द्र मिश्रा ने रेल दुर्घटना में घायलों को बचाने में जिस अदम्य साहस का परिचय देते हुए खुद भी रेल दुर्घटना का शिकार होकर अपना बाया हाथ हमेशा के लिए खो दिया। ऐसा कर उन्होंने वास्तव में देशभक्ति-जनसेवा आदर्श वाक्य को चरितार्थ किया है। मुख्यमंत्री के हाथों सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक हासिल करने के बाद एक हाथ न होने के बाद भी राजेन्द्र मिश्रा वास्तव में
हर व्यक्ति को उनकी वीरता और समर्पण का लोहा मनवा रहे थे।
स्वर्गीय मनोहर सिंह चौहान (मंदसौर) को कुएं में फंसे चार लोगों की जान बचाते हुए स्वयं अपना जीवन बलिदान करने के लिए यह पदक मरणोपरांत प्रदान किया गया। राजेंद्र प्रसाद मिश्रा (कार्यकारी सहायक उप-निरीक्षक, दमोह) को ट्रेन हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रदर्शित असाधारण साहस के लिए सम्मानित किया गया।
मंदसौर के मलहारगढ़ क्षेत्र (डोरवाड़ी गांव) के निवासी 42 वर्षीय मनोहर सिंह चौहान ने 27 अप्रैल, 2025 को अदम्य साहस का परिचय दिया। एक वैन के अनियंत्रित होकर कुएं में गिरने के बाद, मनोहर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत कुएं में छलांग लगा दी। अपनी सूझबूझ से उन्होंने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बचाव अभियान के दौरान, मनोहर सिंह की कुएं के अंदर जहरीली गैस के संपर्क में आने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मनोहर सिंह चौहान को मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उनके पुत्र संजय सिंह को पुलिस कांस्टेबल (जीडी) के पद पर सरकारी नौकरी दी जा रही है।
वहीं दमोह जिले के बांदकपुर पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा ने कर्तव्यनिष्ठा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। नवंबर 2024 में, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए, वे रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से गिरे युवकों की मदद के लिए पहुंचे। मौके पर एक युवक मृत पाया गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल था। राजेंद्र मिश्रा घायल व्यक्ति को रेलवे ट्रैक से जीप की ओर ले जा रहे थे, तभी दोनों ओर से ट्रेनें आ गईं। एक ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी की चपेट में आने से राजेंद्र मिश्रा का बायां हाथ धड़ से अलग हो गया और चालक भी घायल हो गया। हाथ कटने के बाद भी वह करीब 20 मिनट तक ट्रैक पर ही पड़े रहे और होश में आते ही उन्होंने खुद फोन करके घटना की सूचना दी।
उनकी बहादुरी के लिए, मुख्यमंत्री ने उन्हें नियमों से हटकर पदोन्नति देकर सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बनाने और स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की।
निश्चित तौर से स्वर्गीय मनोहर सिंह चौहान ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्र सेवा के लिए और राष्ट्र के नागरिकों की जान बचाने के लिए पुलिस सेवा में या सरकारी नौकरी में होना जरूरी नहीं है। स्वर्गीय मनोहर सिंह का नाम एक आम जन द्वारा देशभक्ति-जनसेवा के।
अनुकरण का सर्वोत्तम उदाहरण हैं। वहीं पुलिस सेवा में रहकर देशभक्ति-जनसेवा को चरितार्थ करने वाले राजेन्द्र मिश्रा का कार्य भी प्रशंसनीय है। ऐसे
उदाहरण हमेशा ही जन-जन को प्रेरणा से भरते हैं और अनुकरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। इनका सम्मान कर वास्तव में हम आजादी का सम्मान करते हैं और सरकार खुद भी गौरवान्वित होती है। यही सही है कि हमें गर्व है मनोहर और राजेंद्र पर…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।