Delhi Fire : मुंडका में आग से घिरी इमारत से जान बचाने के लिए नीचे कूदे लोग – देखे विडीओ

देश की राजधानी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक 4 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। पूरी बिल्डिंग आग की चपेट में आई और सबकुछ जलकर खाक हो गया। इस हादसे में 27 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 लोगों को बिल्डिंग से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। घायलों की संख्या 12 बताई गई है। हादसे में दमकल विभाग के दो कर्मियों की भी मौत हुई है। कई लोग अभी भी इमारत में फंसे हुए हैं। 19 लोग लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश जारी है। देर रात तक NDRF और दिल्ली फायर सर्विस की टीम रेस्क्यू में जुटी रहीं। दोनों एजेंसियों ने कहा कि घटनास्थल पर लगातार आग को कंट्रोल करने और सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है। पुलिस ने फैक्ट्री के दोनों मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है।

 

खिड़कियां तोड़कर फंसे लोगों को निकाला
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। एनडीआरएफ ने लोगों को निकालने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस कर्मियों ने इमारत की खिड़कियां तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। वहीं कुछ परिजन अपनों की फोटो दिखाकर यह बता रहे थे कि उनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। आग से बचने के लिए इमारत के अंदर फंसे लोगों ने निचले फ्लोर की खिड़कियों से छलांग लगा दी।

फैक्ट्री के दोनों मालिक गिरफ्तार
हादसे के बाद देर रात बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि 27 लोगों की मौत हो गई है और 12 घायल हो गए हैं। हम शवों की पहचान के लिए फोरेंसिक टीम की मदद लेंगे। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कंपनी मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।

पीएम मोदी ने किया मुआवजा का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी ट्वीट में यह जानकारी दी गई है।

बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
रेस्क्यू में स्थानीय लोगों ने काफी मदद की। पुलिस और एनडीआरएफ कर्मियों ने रस्सी की मदद से आग की लपटों के बीच घिरी इमारत में फंसे 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। आशंका है कि और शव बरामद किए जा सकते हैं क्योंकि बचाव अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है।

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