58 अश्लील वीडियो, 150 पीड़ित महिलाएं, 1500 करोड़ की संपत्ति: स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर रेप, ब्लैकमेल और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप; अहम गवाह की मौत से बढ़ा सस्पेंस

58 अश्लील वीडियो, 150 पीड़ित महिलाएं, 1500 करोड़ की संपत्ति, 100 फर्जी खाते, स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर आरोपों की लिस्ट, अंधविश्वास, मंत्रियों-विधायकों से कनेक्शन से होते हुए सबसे अहम गवाह जितेंद्र शेलके की मौत तक आ पहुंची। मामला कोर्ट में है और खरात जेल में। जांच में नासिक-शिरडी पुलिस के अलावा SIT और ED भी शामिल हैं। SIT के सोर्स के मुताबिक, खरात ने माना है कि उससे गलती हुई है, लेकिन ये सब दैवीय शक्तियों ने कराया।

17 मार्च को खरात के खिलाफ रेप की पहली FIR दर्ज हुई थी और अगले दिन गिरफ्तारी। अब तक 13 केस दर्ज हुए हैं। इनमें 8 सेक्शुअल हैरेसमेंट, 4 आर्थिक धोखाधड़ी और एक मनी लॉन्ड्रिंग का है, जो ED ने दर्ज कराया है। 9 मई को शिरडी कोर्ट में खरात की पेशी हुई। कोर्ट ने खरात को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया।

शिरडी पुलिस ने 4 मई को धोखाधड़ी के एक मामले में स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात उर्फ कैप्टन बाबा को हिरासत में ले लिया था। इसी मामले में उसकी पेशी हुई।

खरात का कबूलनामा

शक्ति के वश में रहते हुए संबंध बनाए, महिलाओं की सहमति थी

जांच टीम में शामिल सोर्स के मुताबिक, पूछताछ में खरात लगातार कहता रहा कि उसने महिलाओं के साथ सहमति से संबंध बनाए थे। हालांकि SIT इससे इत्तफाक नहीं रखती। खरात ने दावा किया कि उसके पास दैवीय शक्तियां हैं और लोग खुद अपनी समस्या लेकर उसके पास आते थे।

सोर्स के मुताबिक, ‘खरात ने माना है कि उससे गलती हुई है, लेकिन वह इसे दैवीय शक्ति और ज्योतिष विद्या का नाम देकर बचने की कोशिश कर रहा है। पुलिस का मानना है कि वह महिलाओं को नशीली चीज या कोई दवा देकर उनका फायदा उठाता था। हालांकि, खरात अब भी यही कह रहा है कि वह समाधि जैसी स्थिति में रहता था और शक्ति खत्म होने पर उसे होश आता था।’

गवाह का एक्सीडेंट

ED की पूछताछ के तीन दिन बाद मौत, कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में घुसी

17 अप्रैल को अशोक खरात के करीबी और केस में अहम गवाह जितेंद्र शेलके की सड़क हादसे में मौत हो गई। 55 साल के जितेंद्र शेलके खरात के शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष थे। हादसे के वक्त वे पत्नी और बेटे के साथ छत्रपति संभाजीनगर से शिरडी जा रहे थे।

दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच जितेंद्र की कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराई। वे खरात से जुड़े लेन-देन और जमीन के सौदों में शामिल थे। मौत से महज तीन दिन पहले ही ED ने उनसे पूछताछ की थी।

सोशल एक्टिविस्ट अंजलि दमानिया अशोक खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए उसका विधायकों-मंत्रियों से कनेक्शन उजागर कर चुकी हैं। जितेंद्र शेलके की मौत पर शक जताते हुए अंजलि कहती हैं, ‘शेलके खरात की संस्था में नंबर दो की पोजीशन पर थे। वे खरात का हर काला चिट्ठा और अंदर की कहानियां जानते थे। ऐसे अहम गवाह की इस तरह मौत सवाल खड़े करती है।’

हादसे के बाद की फुटेज में जितेंद्र शेलके की गाड़ी सड़क के एकदम बायीं ओर दिख रही है। पूरा रास्ता खाली था, तो कोई बिल्कुल बायीं तरफ गाड़ी क्यों चलाएगा। अगर गाड़ी का बैलेंस बिगड़ता है, तो वह मुड़ती है, लेकिन यहां गाड़ी बिल्कुल सीधी अंदर घुसी है।’

वीडियो में दिख रहा है जितेंद्र की कार क्रैश बैरियर से सटकर खड़े ट्रक से टकराई। इसी पर अंजलि दमानिया ने सवाल उठाया है कि सड़क के किनारे कोई इतनी स्पीड से कार क्यों चलाएगा, जबकि बगल में काफी चौड़ी सड़क है।

अंजलि एकनाथ शिंदे पर खरात को बचाने का आरोप लगाती हैं। वे दावा करती हैं कि पिछले चार साल से खरात उनके लिए काला जादू और ऐसे ही काम कर रहा था। रोहित पवार ने भी आरोप लगाया है कि संजय सिरसाट और दीपक केसरकर जैसे नेता लगातार खरात के संपर्क में थे। उनके रसूख की वजह से ही पुलिस इस मामले को दबा रही है।

जितेंद्र के भाई बोले- कोई दबाव नहीं, एक्सीडेंट ही हुआ

सड़क हादसे की वजह जानने के लिए फॉरेंसिक टीम से क्रैश एनालिसिस करवाया गया है। इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। हालांकि, जितेंद्र के भाई महेंद्र गणपतराव शेलके हादसे कहते हैं, ‘हमें किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका नहीं है। भाई के सुसाइड या साजिश की जो भी खबरें चल रही हैं, वे गलत हैं।’

क्या परिवार पर कोई दबाव है? महेंद्र जवाब देते हैं, ‘नहीं, कोई दबाव नहीं है, न ही किसी ने धमकाया है।’

56 अनुयायी, 100 फर्जी खाते, 70 करोड़ रुपए का

ED ने पूछताछ के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से खरात की कस्टडी मांगी है। ED अब तक नासिक, पुणे और मुंबई में खरात की संपत्तियों का पता लगा चुकी है। सोर्स के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कोपरगांव के समता संस्था पतपेढ़ी बैंक में खरात के 56 अनुयायियों के नाम पर 100 खाते खोले गए। इनमें करीब 70 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है।

सभी खातों में नॉमिनी के तौर पर अशोक खरात का मोबाइल नंबर दर्ज है, यानी खाते किसी और के नाम पर हैं, लेकिन लेन-देन का पूरा हिसाब खरात के हाथ में था। पुलिस ने खाताधारकों से पूछताछ की, तो उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि हमारे नाम पर कोई खाता खुला है।

वीडियो बनाने वाला ऑफिस असिस्टेंट भी जांच के दायरे में

केस की शुरुआत सिन्नर के वावी पुलिस स्टेशन से हुई थी। यहां अशोक खरात ने FIR दर्ज कराई थी कि कुछ लोग एक सीडी के जरिए उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस केस में नीरज जाधव के अलावा दो और लोगों को आरोपी बनाया गया था। नीरज पिछले साल तक अशोक खरात के ऑफिस में असिस्टेंट था।

SIT को दिए बयान में उसने बताया, ‘2023 में प्रेग्नेंट पत्नी को लेकर मैं खरात के पास गया था ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो। उसने धार्मिक पूजा के बहाने पत्नी से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद से ही मैंने खरात की करतूतों पर नजर रखनी शुरू कर दी। उसका पर्दाफाश करने के लिए दोस्त की मदद से ऑफिस में एक हिडन कैमरा लगाया। इससे बाबा का सच सामने आ गया।’

ये नासिक में अशोक खरात का ऑफिस है। अशोक महिलाओं को यहीं बुलाता था। सामने आए वीडियो भी इसी ऑफिस में बनाए गए थे।

SIT नीरज जाधव की भूमिका की जांच कर रही है। उसका केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट राहुल कासलीवाल कहते हैं कि केस का ट्रायल शुरू होना बाकी है। नीरज जाधव इस केस में अहम गवाह साबित हो सकता है। नीरज लगातार मेरे संपर्क में है। उसने मुझे बताया है कि उसने पुलिस को सब बता दिया है।

खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन पर SIT शिवसेना के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री दीपक केसरकर के सहयोगी बताए जा रहे दीपक लोंढे से भी पूछताछ कर चुकी है। दावा है कि दीपक ने ही खरात को एकनाथ शिंदे से मिलवाया था। हालांकि, दैनिक भास्कर से बातचीत में दीपक लोढे ने कहा कि न मेरा इस केस से कोई लेना-देना है और न अशोक खरात से कोई संबंध। मैं इस केस पर कोई बात नहीं कर सकता।

उधर, खरात के घर और मंदिर में सन्नाटा

नासिक के कर्मयोगीनगर में अशोक खरात का मकान है। गेट बजाने पर एक बुजुर्ग महिला और खरात की बेटी बाहर आईं। वे बात करने के लिए राजी नहीं हुईं।

नासिक में अशोक खरात का आलीशान घर है। यहां उसका परिवार रहता है। इसके अलावा मीरगांव तालुका में उसका 16 एकड़ में आलीशान फार्महाउस भी है।

नासिक से करीब 40 किमी दूर सिन्नर में खरात का बनवाया मंदिर और फार्महाउस है। यहीं वो अपने फॉलोअर्स से मिलता था। यहां भी एकदम सन्नाटा है। आस-पड़ोस वाले भी खरात के बारे में बात नहीं करना चाहते।

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