2 साल बाद भी नहीं बदले हालात: 744 करोड़ खर्च, 1200 करोड़ से ज्यादा टोल और रोज 50 लाख की वसूली; फिर भी 50 फीट की दरारों व जानलेवा गड्ढों से जर्जर इंदौर-देवास बायपास

इंदौर-देवास बायपास पर सफर सुरक्षित बनाने के नाम पर 744 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। करीब 16 साल में एनएचएआई 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा का टोल वसूल चुकी है। अब भी 45 किमी के इस बायपास पर कहीं 2-3 फीट गहरे गड्ढे हैं, तो कहीं 40-50 फीट लंबी दरारें। कई जगह पैचवर्क उखड़ा हुआ है। गड्ढे पेवर ब्लॉक से भरे जा रहे हैं। बारिश में इन गड्ढों में कीचड़ भरने से हादसे का खतरा और बढ़ गया है।

हाई कोर्ट में अफसरों ने कहा था-तीन महीने में सड़क सुधार देंगे

गुरुवार को बायपास पर महिला की मौत के बाद सवाल और गंभीर हो गया है कि करोड़ों रुपए खर्च होने और लगातार टोल वसूली के बावजूद सड़क की हालत ऐसी क्यों है? बायपास से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं, लेकिन कई हिस्सों में उन्हें खराब सड़क, खुले नाले और अंधेरे में सफर करना पड़ रहा है।

तीन दिन पहले ही हाई कोर्ट ने कहा था- बायपास पर गड्ढे जानलेवा हैं बायपास और सर्विस रोड के गड्ढों को लेकर तीन दिन पहले ही हाई कोर्ट की डिविजन बेंच में सुनवाई हुई थी। याचिकाकर्ता ने बारिश के बाद बायपास और सर्विस रोड की बदहाल स्थिति और गड्ढों की तस्वीरें कोर्ट के सामने रखीं। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में गड्ढों को जानलेवा बताया था। अर्जुन बड़ौद ब्रिज और बायपास की जर्जर स्थिति पर हाई कोर्ट ने 2024 में भी विस्तृत आदेश दिया था। एनएचएआई ने तब तीन महीने में खामियां दूर करने का भरोसा दिया था। दो साल बाद भी बायपास की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

कहां-कहां क्या है स्थिति

  • देवगुराड़िया से पत्थर मुंडला तक : 500 मीटर हिस्से में सड़क खराब है, गहरे गड्ढे और कीचड है।
  • तेजाजी नगर फ्लायओवर : फ्लायओवर के ऊपर मुख्य सड़क पर लंबी गहरी दरारें
  • कनाड़िया और बिचौली मरदाना अंडरपास : संकरी सर्विस रोड और अंडरपास पर रोज जाम लग रहा है।
  • बेस्ट प्राइस से लेकर डीपीएस फ्लायओवर : सर्विस रोड पर गड्ढे, निर्माण के चलते ट्रैफिक का दबाव
  • मांगलिया फ्लायओवर : सर्विस रोड पर गड्ढे और मुख्य मार्ग पर उखड़ा हुआ पैचवर्क

सीधी बात – प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

ठेकेदार पर गैर इरादतन हत्या का केस क्यों नहीं

लागत का दो गुना टोल वसूल चुके, फिर भी सड़क जर्जर? – बायपास निर्माण के समय कई जगह ब्लैक स्पॉट रह गए थे। उन्हें सुधारने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं।

लोग मर रहे हैं, ठेकेदार पर एफआईआर क्यों नहीं? – जिस एमआर10-बेस्टप्राइस वाली सर्विस रोड के पास हादसा हुआ है, वहां पैचवर्क शुरू करवा दिया है।

लाइटिंग तक नहीं करा पा रहे हैं? – ​सिर्फ हमारी जिम्मेदारी नहीं है। बिजली कंपनी पर भी निर्भर हैं।

देवगुराड़िया और नायता मुंडला एक साल से खराब है? – यहां ट्रक धोए जाते हैं जिससे लगातार पानी जमा रहता है। प्रशासन से ट्रकों को शिफ्ट करवाना हैं, पर सफलता नहीं मिली है।

सर्विस रोड कब पूरी होगी? – निर्माणाधीन साइट पर पूरा ट्रैफिक सर्विस रोड पर होने के कारण वहां काम नहीं हो पाया है।

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