
मध्य प्रदेश में जन-विश्वास वाला आजादी पर्व…
मध्य प्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह जन-विश्वास के साथ मनाया जाएगा। हाल ही में शुरू हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस महत्वाकांक्षी अभियान की तरफ पूरे मध्यप्रदेश की निगाहें हैं। जन-विश्वास के लिए सप्ताह में शुक्रवार का दिन तय किया गया है। छिंदवाड़ा से शुरू हुई जन-विश्वास अभियान की डगर 14 अगस्त 2026 को बड़वानी पहुँची। तो छिंदवाड़ा की तरह बड़वानी में भी मोहन के तेवर तीखे रहे। लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गाज गिरी। और फिर यह संदेश सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों तक पहुंचा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री शिकायत मिलने पर ऑन स्पॉट सजा मुकर्रर करेंगे। छिंदवाड़ा में भी कई अफसरों को निलंबित तो कई को नोटिस जारी किए गए थे और बड़वानी में भी यह सिलसिला जारी रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनता के कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लेकर उन्हें निलंबित कर दिया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय पर नामांतरण नही करने वाले तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार सहित दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समय पर पीएम आवास की किश्त प्रदाय नहीं करने के मामले में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) मायाराम सोलंकी, जगदीश धांगड़ व सहायक यंत्री राजू डावर को भी निलंबित तथा संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इन्दौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जायेगा, लेकिन लापरवाही करने पर अधिकारी दण्डित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजपुर तहसील के अजय-लाल से समस्या के बारे में जानकारी लीं। शिकायतकर्ता अजय ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं राशि भुगतान संबंधी शिकायत, नवंबर 2025 में की थी। प्रक्रिया में परिवर्तन के कारण भुगतान में विलंब हुआ। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वर्ष 2016 में उनके पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन नामांतरण वर्ष 2022 में हुआ। नामांतरण की प्रक्रिया में लगभग छह वर्ष का समय लगने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार को कार्य में लापरवाही एवं विलंब के लिए तथा साथ ही इस मामले में दोषी दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रकरण में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा से चर्चा की। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019 में आवेदन किया गया था। वर्ष 2022 में जियो टैग की प्रक्रिया की गई तथा वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण उन्हें किश्त प्राप्त नहीं हो सकी। मकान बन जाने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय योजना के तहत पात्र हितग्राही को मकान निर्माण के लिए आवश्यक राशि समय पर प्राप्त न होना उचित नहीं है। उन्होंने प्रकरण में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ दोनो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों मायाराम सोलंकी और जगदीश धाकड़ एवं सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकरण में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
मध्यप्रदेश असंगठित शहरी-ग्रामीण कर्मकार मंडल संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता के प्रकरण में पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर से संवाद किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि संबल योजना के तहत 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई। प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले हितग्राहियों को पहले लाभ प्राप्त हुआ तथा इस प्रकार के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जाती हैं। ऐसे में पात्र व्यक्ति को लाभ मिलने में देरी पर, प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारी जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और मजबूत करना तथा समस्याओं का मौके पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन अथवा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्यवाही की जाएगी।
कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है की जनता में सरकार के प्रति विश्वास जगाने में जन विश्वास अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह प्रयास जहां जनता में आस जगाएगा तो लापरवाह सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के गले की फांस बनेगा। मध्य प्रदेश में जन-विश्वास वाला यह आजादी पर्व इस मायने में खास है कि जन-जन की शिकायतें न केवल हर शुक्रवार को सुनी जा रही हैं बल्कि इनका त्वरित समाधान भी हो रहा है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।