सागर के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से अब तक करीब 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 120 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल और कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर पहुंचकर मरीजों से मिले।मामले की जांच में बंबइया व्हिस्की और सागर गोल्ड नाम के दो ब्रांड सामने आए हैं। दोनों ब्रांड को लेकर दर्ज अलग-अलग एफआईआर में दो लाइसेंसी ठेकेदारों समेत 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है।बंडा थाने की एफआईआर में लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत सिंह ठाकुर के खिलाफ बंबइया व्हिस्की को लेकर मामला दर्ज हुआ है, जबकि विनायका थाने की एफआईआर में लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ सागर गोल्ड को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
यह शराब गांव-गांव में किराना दुकानों से लेकर ढाबों और लाइसेंसी ठेकों तक बिकने के दावे सामने आए हैं। भर्ती मरीजों ने भी इन्हीं दो ब्रांड की शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है। पुलिस अब शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

बंडा थाने में पहली FIR की कहानी…
बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचने का काम करते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ गांव में जुझार लोधी की दुकान पर गया था।
जुझार लोधी ने बताया कि एक नया सस्ता ब्रांड बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और आशीष साहू निवासी बंडा के द्वारा आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से लाया गया है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए कम कीमत में मिलेगी।
अनूप सिंह ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीना है। इस पर राजेंद्र ने पूछा कि कहीं यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है। जुझार लोधी ने कथित तौर पर कहा कि ब्रांड वही है और उसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी
इसके बाद राजेंद्र ने जुझार की दुकान से एक क्वार्टर देशी शराब बंबइया 70 रुपए में खरीदी और पी। रात में राजेंद्र अपने घर चला गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सागर में राजेंद्र की मौत हो गई। इसके अलावा करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत होने की बात एफआईआर में दर्ज है।
पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं, विनायका थाना पुलिस ने लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह, मानसिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच

विनायका थाने में दर्ज दूसरी FIR की कहानी…
विनायका थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी सुरेंद्र पिता गजराज लोधी निवासी पाटन ने शिकायत में बताया कि उसके गांव पाटन में राम सिंह, अरविंद, भगवान सिंह, देवी सिंह लोधी और मान सिंह चोरी-छिपे अवैध रूप से शराब बेचते हैं।
5 सितंबर की शाम को राम सिंह लोधी के पास से उसका भांजा रोशन पिता जगन्नाथ शराब पीकर वापस आया। घर पर उसे उल्टियां होने लगीं। सुरेंद्र ने उससे पूछा तो रोशन ने बताया कि वह गांव में राम सिंह के यहां शराब पीने गया था।
रोशन के अनुसार, राम सिंह ने बताया कि उसके पास नई शराब सस्ती आई है। इसे चंदू और चंद्रभान सिंह राजपूत तथा शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के द्वारा निर्मित कराया गया है। गद्दीदार रोहित शिवहरे, कर्मचारी राघवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र राजपूत और सोहन सिंह के माध्यम से राम सिंह लोधी और अन्य जगहों पर इसे भेजा जाता है, जिससे शराब की कीमत कम होकर 60 रुपए में बेची जा रही है।
रोशन ने राम सिंह से पूछा कि नकली या जहरीली शराब तो नहीं है। इस पर राम सिंह ने कथित तौर पर कहा कि ब्रांड वही है और इसे शराब के फार्मूले से बनाया गया है, इसलिए बाजार से 30 रुपए सस्ता मिलेगा।
इसके बाद रोशन ने राम सिंह की दुकान से एक क्वार्टर देशी शराब सागर गोल्ड 60 रुपए में खरीदी और पी। रात में वह घर चला गया। घर आते ही उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रोशन की मौत हो गई।
ततरवारा सरपंच समेत 10 को बनाया आरोपी
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बरेठी का ठेका चला रहे थे मनीष और आशीष
शराब कांड के बाद पुलिस ने शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बरेठी में स्थित शराब का ठेका आरोपी मनीष लोधी और आशीष साहू संचालित करते थे। कुछ मृतकों ने बरेठी और गूगरा खुर्द ठेके से भी शराब लेने का दावा किया है। हालांकि, प्रशासन इन बिंदुओं पर भी जांच कर रहा है।
सात शराब दुकानें सील, सैंपलिंग कराई
मामले को लेकर प्रशासन ने प्रथम दृष्टया एहतियातन बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की शराब दुकानें सील कर दी हैं। दुकानों में मौजूद शराब की सैंपलिंग भी कराई गई है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

संदिग्ध अवैध शराब मामले की एसडीएम करेंगे मजिस्ट्रियल जांच
सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
विगत दिनों सागर जिले के शाहगढ़ तहसील के ग्राम नौराज, गूगरा खुर्द तथा बंडा तहसील के ग्राम बमूरा आदि में 4 और 5 सितंबर की दरम्यानी रात संदिग्ध अमानक और अवैध शराब के सेवन के बाद ग्रामीणों के बीमार होने तथा कुछ मरीजों की मृत्यु की घटना को लेकर कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
प्रभावित ग्रामीणों ने उल्टी, बेहोशी और शरीर में झटके जैसे लक्षणों की शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा पहुंचकर उपचार कराया था। चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन उपचार के दौरान कुछ मरीजों की मृत्यु हो गई।

मरीजों की मौत के वास्तविक कारणों की होगी जांच
घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे अमानक और अवैध बताया गया है। मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी जैसीनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसका वास्तविक कारण क्या था। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक और अवैध शराब का सेवन था या नहीं तथा शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया।

जांच में जिम्मेदारों की जवाबदेही होगी तय
जांच में यह भी देखा जाएगा कि संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं। घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इन बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को सभी बिंदुओं की जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मौतों का आंकड़ा बताने से बच रहा प्रशासन
शराब के मामले में लगातार मौतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन मौतों का आंकड़ा बताने से बच रहा है। अब तक करीब 13 मौतें प्रशासन ने स्वीकार की हैं। लेकिन अन्य मौतों पर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। एसपी अनुराग सुजानिया और कलेक्टर प्रतिभा पाल को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

पिता-पुत्र की मौत, छोटा बेटा अस्पताल में भर्ती
बंडा के ग्राम बमूरा में एक ही परिवार में शराब का सेवन करने के बाद पिता गोविंद सिंह लोधी ने रविवार को दम तोड़ दिया था। बेटे रामप्रसाद सिंह लोधी को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान रामप्रसाद की मौत हो गई। छोटा बेटा भूरे लोधी बीएमसी में भर्ती है। घर में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिम्मेदारों को देना चाहिए इस्तीफा, अधिकारियों पर कार्रवाई हो
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू ने बंडा के गांवों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इसी दौरान उन्होंने कहा कि 50 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है। यह सरकार हत्यारी है। पूरा सिस्टम शराब का नेटवर्क चलवा रहा है। इसमें सरकार, पुलिस, प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ता सभी शामिल हैं।
ललितपुर एएसपी बोले- सागर पुलिस ने भ्रामक जानकारी दी, कोई साक्ष्य हो तो हमें बताएं
बंडा के शराब मामले में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से शराब आने के सागर पुलिस के दावे को लेकर अब नया विवाद सामने आया है। ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने सागर पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि ललितपुर जिले में इस प्रकार की कोई अवैध शराब बनाए जाने की जानकारी नहीं है।
ललितपुर एएसपी ने कहा कि सागर पुलिस की ओर से मीडिया में यूपी कनेक्शन को लेकर जो जानकारी दी गई है, वह भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सागर पुलिस के पास इस मामले में ललितपुर से अवैध या जहरीली शराब आने से जुड़े कोई तथ्य या साक्ष्य हैं, तो उन्हें ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाए, ताकि दोनों पुलिस मिलकर कार्रवाई कर सकें।
दमोह में शराब पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी
दमोह जिले के गणेशपुरम हरदुआ गांव में सोमवार रात ज्यादा शराब पीने के बाद एक युवक भगवान सिंह (25) पिता दामोदर गौंड की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
युवक के चचेरे भाई मूरत सिंह ने बताया कि भाई को सोमवार दोपहर दो लोगों के साथ सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के बलेह गया था। वहां उसने शराब पी। गांव लौटने के बाद भी उसने शराब पी। शाम को उसके मुंह से झाग निकलने लगा और उल्टियां होने लगीं।