मोहन ने धर्म समझाया, राहुल धर्म पर अमल करेंगे… यहां भी थे युवा और वहां भी रहेंगे युवा… कौशल किशोर चतुर्वेदी

मोहन ने धर्म समझाया, राहुल धर्म पर अमल करेंगे… यहां भी थे युवा और वहां भी रहेंगे युवा…
भारत में जेन-ज़ी आंदोलन के बाद यह तस्वीर साफ हो गई है कि अब राजनीति के केंद्र में युवा ही रहेंगे। 18 सितंबर 2026 को उज्जैन में राष्ट्रीय युवा धर्म संसद का आयोजन था। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं को धर्म और रिलीजन में अंतर बताया। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाना ‘अधर्म’ और पर्यावरण की रक्षा करना ‘धर्म’ है। पर इस धार्मिक आयोजन में मोहन भागवत की मौजूदगी ने राजनीति का अहसास भी कराया। तो 19 सितंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इंदौर में धर्म के मार्ग पर चलते हुए युवाओं के सवालों का समाधान करते नजर आएंगे। यह माना जा सकता है कि छात्रों की गूंज जैसा कांग्रेस का आयोजन भी जेन-ज़ी के सन्दर्भ में युवाओं पर ही केंद्रित है।

भागवत ने युवा धर्म संसद में धर्म के अलावा अहंकार पर भी अपना मत साफ शब्दों में रखा। उन्होंने अहंकार और सत्ता के भ्रम पर कड़ा प्रहार कहा कि मनुष्य अपने अहंकार में भरकर यह मान बैठता है कि सब ओर उसी की सत्ता चलती है और हर चीज उसकी इच्छा के अनुसार ही होनी चाहिए, लेकिन वास्तविकता में ऐसा बिल्कुल नहीं है। दुनिया इंसान के अहंकार या उसकी मर्जी से नहीं, बल्कि प्रकृति और धर्म के शाश्वत नियमों से संचालित होती है। मनुष्य अक्सर इस मुगालते में जीने लगता है कि वह पूरी दुनिया और व्यवस्थाओं को अपनी इच्छा से नियंत्रित कर सकता है। जिस प्रकार सूर्य का उदय होना और अस्त होना पूरी तरह से निश्चित है, उसमें इंसान का अहंकार कोई बदलाव नहीं कर सकता। ठीक इसी तरह धर्म के सार्वभौमिक नियम भी इंसान की मर्जी, इनकार या अहंकार से प्रभावित हुए बिना निरंतर काम करते रहते हैं। अब अहंकार और सत्ता की मोहन की माया वह ही समझ सकते हैं। धर्मनिष्ठ युवाओं के माध्यम से भागवत ने यह बड़ी सीख
सत्तापक्ष को देने की कोशिश की है या सहज भाव में पक्ष और विपक्ष में भेद किए बिना सभी को अहंकार से दूर रहने का सुझाव दिया है, यह तो मोहन ही बता सकते हैं। पर यह बात ज़रूर है कि मोहन भागवत अगर कुछ बोल रहे हैं तो उसमें बड़े संदेश समाहित होते हैं और विशेष संकेत होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
तो प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सवालों को उठाने वाला आंदोलन है। संविधान ने नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया है और देश के छात्रों की आवाज सुनने तथा उनके सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और भारत सरकार की है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है, इसलिए कांग्रेस देशभर में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रही है। जिस तरह छात्रों के आंदोलनों को दबाने की कोशिश की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को शांत करने के लिए बल प्रयोग किया गया और कई स्थानों पर छात्रों के साथ दमनात्मक कार्रवाई हुई। कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे के बाद अब इंदौर में छात्रों की यानि युवाओं की आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के भी दो विद्यार्थियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। दिल्ली विश्वविद्यालय में देवास के जिस छात्र की मृत्यु हुई, उसकी मां आज भी न्याय की मांग कर रही है। देवास की वह मां सरकार से जवाब मांग रही है।
तो युवा धर्म संसद में आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने इंसान के भीतर छिपे अहंकार और उससे पैदा होने वाली गलतफहमियों को केंद्र में रखा। इस परिप्रेक्ष्य में ही धर्म और अधर्म पर भी चर्चा की। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को उम्मीद है कि इंदौर से उठी छात्रों की आवाज देश की आवाज बनेगी। यह कहा जा सकता है कि मोहन भागवत ने 18 सितम्बर को धर्म समझाया, तो राहुल गांधी 19 सितंबर को धर्म पर अमल करते हुए छात्रों की गूंज में युवाओं के मन की बात को सामने लाएंगे… सबसे बड़ी बात यह है कि यहां भी थे युवा और वहां भी रहेंगे युवा…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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