घटना उस समय हुई, जब फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी। हादसे के बाद फ्लाइट में धुआं भर गया, जिससे यात्री घबरा गए। यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकाला गया।
कुछ फोटो भी लोगों ने शेयर किए हैं। जिसमें एक महिला को एंबुलेंस में रखा गया था। क्रू मेंबर्स ने तुरंत फायर सेफ्टी उपकरणों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया।
अभी तक यह साफ नहीं हुआ के पावर बैंक ब्लास्ट कैसे हुआ। पुलिस और एयरपोर्ट अथारिटी की टीमें जांच कर रही है।

यात्रियों को उतारने के लिए 2 स्लाइडर खोले गए थे। एयरपोर्ट का ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की सुरक्षित उतारने में जुटा था।

हादसा तब हुआ जब विमान लैंड हो चुका था। एयरपोर्ट कर्मचारियों ने यात्रियों को बाहर निकाला।

फ्लाइट की लैंडिंग के साथ ही इमरजेंसी स्लाइड्स खोलकर लोगों को उनके जरिए ही उतारा गया।

विमान खाली करवाया, यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचाया
इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत विमान खाली कराया गया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से टर्मिनल तक पहुंचाया गया, जहां एयरलाइन की टीम उनकी सहायता में जुटी रही।
एयरलाइन के अनुसार विमान को दोबारा संचालन में लाने से पहले जरूरी तकनीकी जांच की जाएगी। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

फ्लाइट में 198 यात्री सवार थे
सूत्रों के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट 6E-108 (HYD-IXC) करीब 3:29 बजे सुरक्षित उतरी। विमान में 198 यात्री, दो बच्चे और छह क्रू मेंबर सवार थे। लैंडिंग के बाद जब विमान वे नंबर-1 की ओर बढ़ रहा था, तभी सीट 39C पर बैठे यात्री ने क्रू को अपने पावर बैंक में आग लगने की जानकारी दी। आशंका जताई गई कि पावर बैंक फट गया था।
कैबिन क्रू ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन विमान के अंदर धुआं फैल गया। एहतियात के तौर पर इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किए गए।
करीब 3:35 बजे क्रू मेंबर ने इमरजेंसी एग्जिट खोला और यात्रियों को एयर स्लाइड्स के जरिए बाहर निकाला गया।
एयरफोर्स की फायर टेंडर टीम 3:38 बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी थी।

महिला को तीन जगह पैर में आया फ्रैक्चर हैदराबाद से आई रीचा आचार्य के पति सौरभ आचार्य ने बताया कि करीब दोपहर 3:40 बजे विमान चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड कर गया था। विमान की अंतिम सीट पर बैठे एक यात्री के हाथ में चार्जर जैसी कोई वस्तु थी, जिससे अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया। धुंआ बढ़ी तेजी से आगे बढ़ रहा था। यह देखकर लोग डर गए। धुआं जहाज में भरने लगा।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई क्योंकि विमान के दरवाजे तुरंत नहीं खोले गए। इस दौरान विमान के क्रू मेंबरों ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और इमरजेंसी प्रक्रिया शुरू की गई। यात्रियों को आपात स्थिति में बाहर निकालने की कोशिश की गई। लेकिन इमरजेंसी स्लाइड से उतरने का अनुभव न होने के कारण कुछ यात्रियों को परेशानी हुई। इसी दौरान रीचा आचार्य के पैर में चोट लग गई। एक्सरे में पैर में तीन जगह फ्रैक्चर पाया गया।
फ्लाइट में पावर बैंक से चार्जिंग बैन, सिर्फ हैंड बैगेज में ही रखने की अनुमति
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी 2026 से फ्लाइट के दौरान यात्री पावर बैंक का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने पर रोक लगा दी थी।
DGCA के अनुसार, पावर बैंक और अन्य रिचार्जेबल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। दुनिया भर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फ्लाइट के दौरान लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्म होकर आग का कारण बनी हैं।
पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति है। इन्हें ओवरहेड केबिन या लगेज रैक में रखना सख्त मना है। ओवरहेड बिन में आग लगने की स्थिति में उसे समय रहते पहचानना और बुझाना बेहद मुश्किल होता है।
DGCA का कहना है कि हैंड बैग के अंदर या ओवरहेड बिन में रखी बैटरियों में धुआं या आग लगने की शुरुआत तुरंत दिखाई नहीं देती, जिससे केबिन क्रू को समय पर प्रतिक्रिया करने में देरी हो सकती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
4 सवाल-जवाब में समझिए पावर बैंक को ब्लास्ट से कैसे बचाएं
सवाल: पावर बैंक क्या है?
जवाब- यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। इससे USB चार्जिंग सर्पोट करने वाले मोबाइल फोन, टैबलेट या लैपटॉप जैसे गैजेट्स चार्ज हो सकते हैं। लंबे समय से घर में बिजली सप्लाई न होने या यात्रा के दौरान गैजेट्स को चार्ज करने के लिए पावर बैंक की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है।
आमतौर पर एक पावर बैंक में 10000 mAh से लेकर 20000 mAh तक की क्षमता होती है। जो एक 5000 mAh के फोन को 2 से 4 बार आसानी से फुल चार्ज कर सकती है।
यह पोर्टेबल होता है यानी इसे कैरी करना बेहद आसान होता है। पावर बैंक में लिथियम-आयन या लिथियम पॉलीमर की बैटरी का इस्तेमाल होता है, जो ज्वलनशील होती है।
सवाल- पावर बैंक क्यों फटते हैं?
जवाब- ज्यादातर पावर बैंक लिथियम-आयन बैटरी से बने होते हैं। अत्यधिक गर्म होने या दबाव पड़ने पर इसमें मौजूद सिक्योरिटी लेयर पिघल सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट या ब्लास्ट हो सकता है।
ओक्लाहोमा में पावर बैंक फटने की यही वजह थी। कुत्ते ने पावर बैंक को चबाने की कोशिश की। इससे पावर बैंक पर ज्यादा दबाव पड़ा और बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई।
नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि पावर बैंक में कब ब्लास्ट हो सकता है।

सवाल- पावर बैंक में ब्लास्ट होने से कैसे बचा सकते हैं?
जवाब- अधिकांश लोगों को लगता है कि पावर बैंक में खराबी की वजह से आग या ब्लास्ट होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। लापरवाही और कुछ गलत आदतें पावर बैंक ब्लास्ट का मुख्य कारण होती हैं।
पावर बैंक में ब्लास्ट होने से बचाने के लिए ग्राफिक में दिए इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

सवाल- पावर बैंक खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- आजकल फोन के डिस्चार्ज होने पर हम पावर बैंक का इस्तेमाल कर इसे आसानी से चार्ज कर सकते हैं। ई-कॉमर्स साइट्स और बाजार में आपको सस्ते दामों में कई पावर बैंक मिल जाएंगे, लेकिन सस्ते के लालच में क्वालिटी के साथ समझौता न करें।
आइए नीचे कुछ पॉइंट्स के जरिए जानते हैं कि पावर बैंक खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- बिल्ड क्वालिटी जरूर चेक करें: पावर बैंक खरीदने से पहले उसकी बिल्ड क्वालिटी जरूर चेक करें, क्योंकि खराब क्वालिटी के पावर बैंक के चार्जिंग के दौरान हीट होकर या जमीन पर गिरकर फटने की आशंका रहती है। ध्यान रहे कि लिथियम-आयन बैटरी 4.2 वोल्टेज से ज्यादा विद्युत सप्लाई की वजह से गर्म हो सकती है।
- चार्जिंग क्षमता जरूर देखें: पावर बैंक खरीदने से पहले उसकी क्षमता जरूर देखें। हमेशा ऐसा पावर बैंक खरीदें, जो आपकी डिवाइस को कम से कम दो या तीन बार फुल चार्ज कर सके। यानी अगर आपके फोन में 3000mAh की बैटरी है तो कम से कम 10000mAh का पावर बैंक खरीदना चाहिए।
- BIS सर्टिफिकेशन जरूर देखें: पावर बैंक की बैटरी पावर देने के साथ-साथ सेफ भी होनी चाहिए। पावर बैंक भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम (BIS) से सर्टिफाइड होनी चाहिए क्योंकि BIS प्रोडक्ट की क्वालिटी और सेफ्टी को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा पावर बैंक पर 8 का चिन्ह जरूर देखें। यह चिन्ह पावर बैंक की अच्छी क्वालिटी और परफॉर्मेंस को लेकर होता है।
- रिव्यू और रेटिंग जरूर देखें: पावर बैंक खरीदने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग जरूर देखें। आजकल सभी ई-कॉमर्स साइट्स पर आम लोगों द्वारा प्रोडक्ट की क्वालिटी को लेकर रिव्यू और रेटिंग दी जाती है। इससे आप खराब प्रोडक्ट खरीदने से बच सकते हैं।
- LED इंटिकेटर्स जरूर लें: पावर बैंक में मौजूद LED इंटिकेटर्स आपको बताते हैं कि आपका पावर बैंक कब और कितना चार्ज हुआ है। इससे पावर बैंक ओवरचार्जिंग होने से बचता है। हम जानते हैं कि ओवरचार्जिंग पावर बैंक के ब्लास्ट होने की एक बड़ी वजह है।
हाल ही में फ्लाइट में हुईं अन्य घटनाएं…
3 मई: चेन्नई में यात्री चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोलकर कूदा
चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 3 मई की सुबह लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री इमरजेंसी गेट खोलकर नीचे कूद गया। यह फ्लाइट शारजाह से चेन्नई पहुंची थी और इसमें 231 यात्री सवार थे।
घटना सुबह करीब 3:23 बजे हुई। एयरबस A320 मॉडल की फ्लाइट G9 471 रनवे से टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी।
घटना के बाद यात्री एयरपोर्ट के कमर्शियल एरिया की ओर भागने लगा, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया।
कूदने के दौरान यात्री घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए ले जाया गया। आरोपी की पहचान 29 साल के मोहम्मद शरीफ मोहम्मद नजमुद्दीन के रूप में हुई है।

28 मार्च- वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश
वाराणसी एयरपोर्ट पर 28 मार्च को बेंगलुरु से आ रहे इंडिगो के विमान की लैंडिंग के दौरान एक यात्री ने इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की थी। केबिन क्रू ने उसे ऐसा करते देख लिया और यात्री को रोका था। इसकी जानकारी विमान के कैप्टन को दी गई।
पायलट ने एहतियातन विमान को दोबारा हवा में ले जाकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को जानकारी दी। करीब 15 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया।

लैंडिंग के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने यात्री को हिरासत में ले लिया। आरोपी मोहम्मद अदनान मऊ जिले का रहने वाला था। पुलिस पूछताछ में उसने कहा था कि वह गोवा घूमने गया था। पता नहीं उसने ऐसा क्यों किया।