शुभेंदु एक्शन में, तो विजय अब तक रहे टेंशन में… कौशल किशोर चतुर्वेदी

शुभेंदु एक्शन में, तो विजय अब तक रहे टेंशन में…

भारत में 2026 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम इतिहास में दर्ज हो गए हैं। इसकी मुख्य वजह पश्चिम बंगाल में पहली बार भगवामय सरकार का बनना है। तो दक्षिण में तमिलनाडु में परंपरागत तौर पर डीएमके और एआईडीएमके राजनीतिक दलों की लंबे समय से चली आ रही सत्ता का सिंहासन पाने की परंपरा का ध्वस्त होना है। इसके साथ ही तमिलनाडु में
‘विजय युग’ की शुरुआत है। हालांकि 4 मई 2026 को परिणाम आने के बाद जहां 9 मई को शपथ लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक्शन में आ गए हैं तो तमिलनाडु में 108 विधानसभा सीटें जीतने के बाद भी तीन बार राज्यपाल से मिले विजय को सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं मिला। इसके चलते विजय लगातार टेंशन में रहे। अंततः 121 विधायकों का समर्थन जुटाकर 9 मई को विजय चौथी बार तमिलनाडु के राज्यपाल से मिले। अब उम्मीद है कि सरकार बनाने के लिए तीन बार पराजय का मुंह देख चुके विजय को अंततः विजय मिलना तय है।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। शुभेंदु ने भवानीपुर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था। प्रोटोकॉल के हिसाब से ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का न्योता भेजा गया था। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया। इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत भाजपा शासित राज्यों के दिग्गज नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवा गमछा डालकर शुभेंदु अधिकारी की नई पारी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ही शुरू होने के संकेत दे दिए हैं।
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण के बाद कोलकाता में प्रशासन और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। वह पीडब्ल्यूडी के टेंट में बंगाल के डीजीपी, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर, गृह सचिव और मुख्य सचिव से मिले।
बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी रवीन्द्रनाथ टैगोर के घर पहुंचे। उनकी जयंती के मौके पर उन्होंने उनकी प्रतिमा को फूल अर्पित करते श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ‘ये दिन देश और पश्चिम बंगाल दोनों के लिए बहुत अहम है। प्रधानमंत्री की इच्छा थी कि नई सरकार रवींद्र जयंती पर बने। यही वजह है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रवींद्रनाथ गुरु को श्रद्धांजलि देने के बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। मेरा काम जोरासांको में मत्था टेकने के बाद शुरू होगा। ‘पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘जिस विचारधारा और राजनीतिक नींव पर भाजपा का उदय और अंततः विजय आधारित है, वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ही देन है। अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते, तो हमारी स्थिति भी बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं जैसी होती।’ उन्होंने आगे कहा कि वह कैबिनेट और विधानसभा में 20 जून 1947 को ‘पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस’ घोषित करने का प्रस्ताव रखेंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी टीम का गठन शुरू कर दिया है। सेवानिवृत्त आईएएस सुब्रत गुप्ता को उनका सलाहकार नियुक्त किया गया है, जबकि आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को उनका निजी सचिव बनाया गया है। कुल मिलाकर शुभेंदु अधिकारी एक्शन में आ गए हैं।
वहीं अंततः चौथी बार 121 विधानसभा सदस्यों का समर्थन जुटाकर तमिलनाडु के राज्यपाल से मिले विजय भी अब शपथ ग्रहण की तैयारी कर रहे हैं। तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए अधिकतर विधायकों (120) का समर्थन मिलने के बाद टीवीके नेता विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से व्यक्तिगत रूप से मुलाक़ात की है। राज्यपाल से मुलाक़ात के दौरान विजय ने वीसीके और आईयूएमएल पार्टियों का समर्थन पत्र पेश किया। विजय ने बहुमत के आधार पर सरकार बनाने का दावा किया है। इससे पहले तमिलनाडु में कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम के बाद वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके को समर्थन देने का एलान किया था। वीसीके के नेता थॉल थिरुमावलवन ने टीवीके के नेता अधव अर्जुन को पार्टी का समर्थन पत्र दिया है। वहीं आईयूएमएल ने भी टीवीके को समर्थन पत्र दिया है। गौरतलब है कि 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटें जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफ़ा देना होगा, इसलिए टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी। उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी, इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी। कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं, वहीं सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने दो-दो सीटें जीती हैं। इस तरह से अब टीवीके के साथ 121 सीटों का आंकड़ा हो चुका है, विजय की एक सीट घटा भी दें तब भी 120 विधानसभा सदस्यों का समर्थन बहुमत के लिए ज़रूरी आंकड़े से ज़्यादा है।
तो पश्चिम बंगाल में 9 मई 2026 को नए युग की शुरुआत के साथ ही शुभेंदु अधिकारी एक्शन में आ गए हैं। अब चुनौतियों के साथ ही प्राथमिकताओं पर अमल करना शुभेंदु का लक्ष्य रहेगा। वहीं तमिलनाडु में विजय युग की शुरुआत 10 मई 2026 को होने जा रही है। सरकार बनाने का तीन बार दावा पेश करने के बाद भी राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने का न्योता न मिलने से टेंशन में रहे टीवीके चीफ विजय के चेहरे पर अब मुस्कुराहट है। तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। पांच दिन तक चले असमंजस के दौर के बाद आखिरकार टीवीके चीफ विजय 10 मई को अपनी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह दो राज्य भविष्य में भारतीय राजनीति में नए इतिहास का बड़ा अध्याय दर्ज कर सकते हैं। शुभेंदु की पारी लंबी हो सकती है तो विजय युग की उम्र भी बड़ी होने की उम्मीद की जा सकती है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं

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