भोपाल बनेगा कनेक्टिविटी का नया केंद्र: जबलपुर 3 तो रायपुर 7 घंटे दूर, 2028 से पहले बन रहे 4 मेगा कॉरिडोर से बदलेगी एमपी की तस्वीर

भोपाल से रायपुर का सफर 15 से घटकर 7 घंटे और भोपाल से जबलपुर का 6 से 3 घंटे हो जाएगा। अगले दो साल में भोपाल को केंद्र मानकर चार बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर तैयार होने हैं।इनसे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी। 2028 के सिंहस्थ और विधानसभा चुनाव से पहले इन प्रोजेक्ट्स को अहम माना जा रहा है।भोपाल से जुड़ने वाले बड़े कॉरिडोर एक नजर

में भोपाल-विदिशा 4-लेनः कानपुर कॉरिडोर को मिलेगी मजबूतीराज्य कैबिनेट ने पिछले सप्ताह भोपाल-विदिशा 4-लेन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा।क्यों जरूरत पड़ी: इस सड़क पर ट्रैफिक करीब10,975 PCU है, जबकि 2-लेन सड़क की मानक क्षमता 10,000 PCU है। यानी मौजूदा ट्रैफिक क्षमता

भोपाल से रायपुरः सफर 15 से घटकर 7 घंटे होगा

सरकार ने जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन मार्ग को मंजूरी दी है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा होगी।

भोपाल से जबलपुर: अभी 320 किमी की दूरी तय

करने में 5 से 6 घंटे लगते हैं। नया हाईवे बनने के बाद दूरी 255 किमी और यात्रा का समय करीब 3 घंटे रह जाएगा।जबलपुर से रायपुरः अभी 7 से 8 घंटे लगते हैं। 6-लेनकॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय घटकर 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा।सीधा फायदा: भोपाल से रायपुर की यात्रा अभी 14 से15 घंटे की है, जो कॉरिडोर बनने के बाद घटकर 6 से 7 घंटे रह जाएगी।

जबलपुर आउटर रिंग रोडः शहर के बाहर से गुजरेगा लंबी दूरी का ट्रैफिकजबलपुर में ₹3,540 करोड़ की लागत से 114 किमी लंबा 4-लेन आउटर रिंग रोड बनाया जा रहा है। 5 पैकेज में बनने वाले इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में नर्मदा पर करीबभोपाल-इंदौरः यात्रा का समय करीब 2.5 घंटे होगा

भोपाल और इंदौर के बीच ₹4,000 करोड़ की लागत से 6-लेन ग्रीनफील्ड  बनाया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 4 घंटे से घटकर करीब 2.5 घंटे रह जाएगा। यह मौजूदा मार्ग का हाई-स्पीड विकल्प होगा।इसके साथ इंदौर के पूर्वी हिस्से में ₹3,617.08 करोड़ की लागत से 75.63 किमी लंबा इंदौर ईस्टर्न बायपास भी बनाया जा रहा है। यह देवास / इंदौर क्षेत्र को सिमरोल/दातोदा के रास्ते नांदेड से जोड़ेगा।

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन के 3 बड़े सड़क प्रोजेक्ट पूरे करने का लक्ष्य2028 के सिंहस्थ को देखते हुए सरकार ने उज्जैन से जुड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को दीपावली 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।इंदौर-उज्जैन 6-लेन: इसका काम 15 जनवरी 2025से शुरू हो चुका है। कॉरिडोर पर तीन फ्लाईओवर, छह अंडरपास और आठ जंक्शन बनाए जा रहे हैं।उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्डः यह उज्जैन को जावरा के

 

विधानसभा चुनाव 2028: किन क्षेत्रों को सड़क

प्रोजेक्ट्स से फायदा?इन सड़क परियोजनाओं का असर 2028 के विधानसभा चुनाव में भी दिखाई दे सकता है।उज्जैन उत्तर/दक्षिणः बायपास, एलिवेटेड कॉरिडोरऔर फ्लाईओवर से इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।इंदौर: इंदौर-उज्जैन 6-लेन और नए फ्लाईओवर्स से ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

नागदा-खाचरौद व रतलामः उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से इन क्षेत्रों की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।धार व खरगोनः बदनावर और धामनोद-बड़वाह कनेक्टिविटी से मालवा-निमाड़ के सड़क संपर्क में सुधार होगा।भोपाल व देवासः भोपाल-देवास 6-लेन और पश्चिमी बायपास से मालवा की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

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