आईएएस रिंकू दुग्गा को कुत्ता टहलाने के केस में सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। उन्हें त्यागराज स्टेडियम खाली कराने के आरोप में सरकार ने रिटायर कर दिया था।दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार का फैसला खारिज कर उनकी बहाली का आदेश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसी बहाली पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आईएएस अफसर रिंकू दुग्गा को राहत नहीं दी है। उनकी नौकरी में दोबारा बहाली पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। भारत सरकार ने उन्हें कंपलसरी रिटायरमेंट दिया था। आरोप था कि उन्होंने सुबह-सुबह अपना कुत्ता टहलाने के लिए स्टेडियम खाली करवाया।
सरकार को मिला अस्थायी रिलीफ
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने यह आदेश दिया है। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना भी शामिल हैं। केंद्र सरकार की चुनौती पर बेंच ने रिंकू दुग्गा को नोटिस जारी किया है। यह आदेश 7 सितंबर को पारित हुआ है। जब तक मामला तय नहीं होता, तब तक उनकी बहाली प्रभावी नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी पेश हुईं। उन्होंने सरकार का पक्ष अदालत के सामने रखा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है। अगली सुनवाई की तारीख 13 अक्टूबर तय की गर्ट है।
क्या है कुत्ता विवाद
यह विवाद साल 2022 का है। रिंकू दुग्गा एजीएमयूटी कैडर की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। आरोप है कि उन्होंने त्यागराज स्टेडियम को पूरी तरह खाली करवा दिया था। मकसद था कि वो बेरोकटोक अपना कुत्ता टहला सकें।
इस दौरान उनके पति संजीव खैरवार भी उनके साथ मौजूद थे। संजीव खैरवार भी खुद एक आईएएस अधिकारी हैं। जब यह घटना मीडिया में सामने आई, तो जमकर बवाल मचा। आम लोगों के लिए बने सार्वजनिक स्टेडियम को निजी इस्तेमाल के लिए खाली कराने का आरोप गंभीर माना गया।
रिटायरमेंट से लेकर हाईकोर्ट तक
विवाद बढ़ने के बाद भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाया। सरकार ने रिंकू दुग्गा को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया। इस फैसले को दुग्गा ने सबसे पहले सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी CAT में चुनौती दी।
CAT ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। ट्रिब्यूनल ने उनकी सेवा बहाल करने का आदेश दिया। इसके बाद यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने भी 15 अप्रैल 2026 को CAT के फैसले पर मुहर लगाई। सरकार के रिटायरमेंट आदेश को कोर्ट ने ठुकरा दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट में मामला
दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सरकार ने बहाली के आदेश को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। लेकिन बहाली पर रोक लगाकर कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखी है।अब सबकी नजर 13 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी है। उस दिन कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। यह देखना अहम होगा कि सुप्रीम कोर्ट अंततः किसके पक्ष में फैसला सुनाता है। तब तक रिंकू दुग्गा की नौकरी बहाली टली रहेगी।