इंदौर के हीरानगर में तीन दिन पहले रमेश जोशी ने अपनी पत्नी के साथ अंकित, अभिषेक और गुलशन द्वारा बंधक बनाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। जोशी ने बताया था कि उनके बेटे अंकित जोशी का आरोपियों से 40 लाख रुपए का लेन-देन है।
इस मामले में गुरुवार को करीब एक दर्जन लोग क्राइम ब्रांच के डीसीपी से मिलने पहुंचे थे।
हालांकि, इस मामले में करीब एक दर्जन लोग क्राइम ब्रांच के डीसीपी से मिलने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रांडेड फैशन और गारमेंट इंडस्ट्री के नाम पर अंकित, उसकी पत्नी और माता-पिता ने साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी की है। पैसे मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती है।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी के कार्यालय पर पहुंचे लोगों ने अंकित जोशी, उसकी पत्नी खुशबू, भाई अनुज, पिता रमेश जोशी, मां जमुना जोशी और पार्टनर संदीप साहू पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए।
मुनाफे का झांसा देकर पैसा लेने का आरोप
नवीन देवकर, रोहित कामखेड़िया, हर्ष जायसवाल, अभिषेक खीची, कार्तिक गौसर और ऋतिक समेत अन्य लोगों ने बताया कि अंकित और उसके साथियों ने ‘द क्लासिको कंपनी’, ‘कुशाक इंडस्ट्रीज’ और ‘शिवाक इंटरप्राइजेस’ के नाम पर 25 से 85 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराया। उनसे ऑनलाइन और नकद रकम लेकर 6 महीने में वापस करने का वादा किया गया, लेकिन पैसे नहीं लौटाए गए।

पीड़ितों के पास कैश और ऑनलाइन लेन-देन के दस्तावेज मौजूद
पीड़ितों का कहना है कि रकम मांगने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। यहां तक कि अंकित की पत्नी ने रेप जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की चेतावनी भी दी। पीड़ितों ने बताया कि तीन दिन पहले कुछ लोग अंकित को ढूंढते हुए उसके घर पहुंचे थे, जिसके बाद रमेश जोशी ने उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया।
सभी पीड़ितों का कहना है कि उनके पास नकद और ऑनलाइन लेन-देन के पूरे दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कार्रवाई के दौरान सभी सबूत पेश करने की बात कही है।