
मातृ शक्ति के प्रति समर्पण का यह सिलसिला जारी रहे…
श्रावण के महीने में मातृ शक्ति को लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और मां नर्मदा सहित अनेक रूपों में पूजा जा सकता है। यही काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के जरिए मातृ शक्ति वंदन के रूप में किया है। 18 अगस्त 2026 की मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक को मातृ शक्ति वंदन का उदाहरण ही माना जा सकता है। जिसमें मां नर्मदा की चिंता की गई है, तो लाड़ली बहना, लाडली लक्ष्मी और मातृ शक्ति के प्रति मध्यप्रदेश सरकार के समर्पण, प्रेम और स्नेह की पूरी झलक दिख रही है। एक दिन बाद ही 19 अगस्त 2026 को भी लाड़ली बहनों के चेहरे पर खुशी लाने की डॉ मोहन यादव की पूरी तैयारी है। राखी के उपहार स्वरूप इस दिन प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री 250 रूपये की अतिरिक्त राशि भी भेंट करने वाले हैं।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)’ के गठन की स्वीकृति दी है। मध्यप्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है। इसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा दीर्घकालीन सतत् प्रबंधन करना है।
मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित योजना “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना” की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तरता एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करना एवं द्वितीय प्रसव में बालिका जन्म को प्रोत्साहन प्रदान करना है। योजना अन्तर्गत प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती महिला को कुल 5 हजार रूपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म पर प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के पश्चात् 6 हजार रूपये का लाभ एक किश्त में प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
मंत्रि-परिषद ने “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह 1500 रूपये मासिक आर्थिक सहायता राशि को उनके डीबीटी सक्रिय खाते में प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित की जा रही हैं।
मंत्रि-परिषद ने लाड़ली लक्ष्मी योजना का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार और उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई है। योजना में अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाओं को लाभांवित किया जा चुका है।
तो कैबिनेट बैठक एक दिन बाद आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव मैहर से लाड़ली बहना योजना में 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से कुल 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के रूप में 1,500 प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ रूपये से अधिक और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रूपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1,750 रूपये की संयुक्त राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।
मध्य प्रदेश में मातृ शक्ति की वंदना का यह सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है और यही कामना है कि यह जारी रहे। मोहन सरकार ने कैबिनेट बैठक में 2031 तक मातृ शक्ति के लिए धन की व्यवस्था कर दी है। और यह भी तय है कि 2028 विधानसभा चुनाव से पहले लाड़ली बहनाओं के खातों में ₹3000 प्रतिमाह की राशि का प्रावधान
मध्य प्रदेश सरकार करने वाली है। निश्चित तौर से यह सुखद ही है क्योंकि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता’… और माँ, बेटी, पत्नी, बहन सभी रूपों में आखिरकार मातृशक्ति ही तो जीवन को संवारती है और जीवन का आधार है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।