
अब ‘हार’ को ‘उपहार’ में बदलेगी टीम मोदी …!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरा देश यह सीख ले सकता है कि किस तरह ‘हार’ से निराश न होकर ‘हार’ को भी अपनी ताकत बनाकर जीत की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लोकसभा में खारिज हो गया। प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष को आईना दिखा दिया कि गृहमंत्री अमित शाह राजनीतिक कुटिलता में चाणक्य से भी तेज़ हैं। चाणक्य अगर आज जिंदा होते तो अमित शाह की कुटिलता देखकर चौंक जाते। पर इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल होने के नाते भाजपा और उसके सहयोगी दल मिलकर नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर संसद में मिली हार को जमीनी स्तर पर उपहार में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। और विपक्ष लगातार टीम मोदी की प्रबंधन कुशलता को देखते हुए भी उसकी बराबरी नहीं कर पा रहा है। भाजपा ने हार को उपहार में बदलने की कवायद भी अब शुरू कर दी है।
परिसीमन के नाम पर नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के तहत संसद की वर्तमान सदस्य संख्या को 33% बढ़ाकर 850 करने का लक्ष्य था। विपक्ष ने खासतौर पर कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके ने मिलकर अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने दिया। और अब एक बार फिर बारी मोदी शाह और उनकी टीम के पाले में है। और इसमें कोई संशय नहीं है कि अब टीम मोदी महिला आरक्षण में बाधा बने विपक्ष को बैकफुट पर लाने में कोई कसर छोड़ने वाला नहीं है। हालांकि मुसीबत यह भी है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम जल्दी ही महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष को घेरने की टीम मोदी की कवायद का परिणाम भी सुना देंगे। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव हैं तो तमिलनाडु में 23 अप्रैल को चुनाव सम्पन्न होने हैं। और असम, केरल, पुडुचेरी सहित सभी पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हो जाएंगे। और चार मई को ही यह फैसला हो जाएगा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की नारी शक्ति ने सत्ता पक्ष को सही माना है अथवा विपक्ष को। महिला आरक्षण बिल पर राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष को उनके पाप की सजा जरूर मिलेगी। विपक्ष को मिलने वाली इस सजा का फैसला तात्कालिक रूप से तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को ही सुनाना है। महिला आरक्षण बिल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि जो हुआ, वो लोकतंत्र की जीत है। और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की जीत का ही फैसला होना है।
अपने राष्ट्र संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस देश का हर नागरिक देख रहा है कि महिलाओं की प्रगति किस प्रकार रुक गई है। हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए हैं। नारी शक्ति अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका। इसके लिए मैं देश की सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं, बहनें, बेटियां सभी दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं। लेकिन हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं, हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे। हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है। मोदी ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध करने वाली पार्टियों से मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि ये लोग महिलाओं की शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश की हर घटना पर बारीकी से नजर रख रही हैं। वे उनके इरादों को समझती हैं और सच्चाई से भलीभांति परिचित हैं। इसलिए, विपक्ष को महिला आरक्षण का विरोध करके किए गए पाप का दंड अवश्य भुगतना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, स्थिति साफ है कि अब नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम खारिज होने से मिली ‘हार’ को ‘उपहार’ बनाने के लिए टीम मोदी मैदान में उतर गई है। और राष्ट्र के नाम संबोधन में मोदी ने अपना मत सामने रख दिया है कि मातृशक्ति नारी शक्ति में बाधक बने गुनहगारों को कभी माफ नहीं करेगी। कांग्रेस और विपक्ष अब मैदान में टीम मोदी का मुकाबला कर पाएंगे या नहीं, यह जल्दी ही सामने आने वाला है। ज्यादा संभावना यही है कि टीम मोदी ‘हार’ को ‘उपहार’ में बदलकर ही रहेगी…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं