इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित 150 साल पुराने बारामत्था बगीची शिव-हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय ट्रस्टी कैलाश चंद्र मोदी की डंडों से पीट-पीटकर हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
कैलाश मोदी ने हत्या से करीब एक महीने पहले पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत देकर जान का खतरा बताया था। उन्होंने चौकीदार मुकेश शर्मा पर मंदिर परिसर में गुंडागर्दी, अवैध कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मंगलवार (16 जून) सुबह मंदिर परिसर में कैलाश मोदी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मंदिर के चौकीदार मुकेश शर्मा पर है। उसके खिलाफ अन्नपूर्णा थाने में मारपीट, धमकी, अवैध हथियार और वसूली सहित पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

ट्रस्टी कैलाश चंद्र मोदी द्वारा मुकेश शर्मा के खिलाफ की गई शिकायत की कॉपी।
कमिश्नर-कलेक्टर, एसीपी और थाना प्रभारी को दिया था आवेदन
परिजन के मुताबिक कैलाश मोदी आरोपी की हरकतों से परेशान थे। उन्होंने 13 मई को पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर, एसीपी और थाना प्रभारी को शिकायत देकर कहा था कि आरोपी उन्हें कभी भी जान से मार सकता है।
शिकायत में कहा गया था कि आरोपी मंदिर परिसर में दबाव बनाकर कब्जा करना चाहता था और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था।
परिजन ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस पुराने मामलों को देखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती तो कैलाश मोदी की जान बच सकती थी। हत्या के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पूर्व शिकायतों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

आरोपी मुकेश पर पहले से दर्ज थे 5 मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी मुकेश शर्मा पिता बाबूलाल शर्मा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ अन्नपूर्णा थाने में मारपीट, धमकी, अवैध हथियार रखने और अवैध वसूली सहित पांच गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।

दिसंबर 2025 में पहली बार हुआ था हमला
परिजन के मुताबिक मुकेश शर्मा लंबे समय से मंदिर परिसर पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा था। उस पर श्रद्धालुओं से अभद्रता, शराबखोरी, जुआ खिलाने और अश्लील हरकतें करने के आरोप थे।
8 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे मंदिर में मरम्मत का काम चल रहा था। मुकेश वहां पहुंचा और काम रुकवाने लगा। विरोध करने पर उसने कैलाश मोदी से गाली-गलौज की और प्लास्टिक की भारी रॉड से उनके कंधे और कमर पर कई वार किए।
बीच-बचाव करने आए मजदूरों को भी उसने धमकाया। गंभीर रूप से घायल कैलाश मोदी का अस्पताल में इलाज चला। बाद में 11 दिसंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई।
मुकेश मंदिर परिसर में शराब पीने लगा था
कैलाश मोदी को मंदिर में गंदगी और अव्यवस्था पसंद नहीं थी। आरोपी मुकेश और उसके चार भाई कई सालों से मंदिर परिसर में चौकीदारी करते थे। मुकेश मंदिर परिसर में शराब पीने लगा था। इसे लेकर मोदी ने कई बार समझाइश दी। विवाद बढ़ने पर दिसंबर में मुकेश के खिलाफ अन्नपूर्णा थाने में मारपीट का मामला भी दर्ज कराया गया था।
पुलिस और प्रशासन को करीब 40 शिकायतें की थीं
इसके अलावा मोदी ने पुलिस और प्रशासन को करीब 40 शिकायतें की थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बाउंड ओवर और जिलाबदर की कार्रवाई की थी, लेकिन नशे का आदी होने के कारण वह नोटिस मिलने के बाद भी उपस्थित नहीं होता था।
मामले में अन्नपूर्णा थाना प्रभारी (टीआई) गोपाल यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई थी। उसे नोटिस तामील कराया जाना था, लेकिन वह पुलिस को नहीं मिल रहा था।

एफआईआर के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
दिसंबर 2025 में केस दर्ज होने के बाद भी आरोपी पर सख्ती नहीं हुई। आरोपी लगातार मंदिर परिसर के आसपास शराबखोरी करता रहा। इससे परेशान होकर 21 अप्रैल 2026 को कैलाश मोदी कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और सुरक्षा की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी।
शिकायत में उन्होंने बताया था कि मुकेश शर्मा मंदिर परिसर में अवैध कब्जा कर चुका है और श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार करता है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता है। उन्होंने लिखा था कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं, लेकिन पुलिस हर बार कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही थाने से भगा देती है।

पुलिस कमिश्नर और एसीपी को भी दी थी शिकायत
कलेक्टर से सुनवाई नहीं होने पर 13 मई को कैलाश मोदी पुलिस कमिश्नर और एसीपी अन्नपूर्णा के पास पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर में अवैध कब्जा, जुआ-सट्टा और असामाजिक गतिविधियों की शिकायत की।
आवेदन में उन्होंने लिखा था कि मंदिर उनके पूर्वजों द्वारा निर्मित है और कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर की जमीन पर अवैध निर्माण कर लिया है। वहां लगातार जुआ-सट्टा और अन्य अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं, जिससे मंदिर की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।

मार्च 2025 में कैटरिंग कारोबारी पर भी किया था हमला
आरोपी की गुंडागर्दी से सिर्फ कैलाश मोदी ही नहीं, आसपास के लोग भी परेशान थे। 7 मार्च 2025 को उसने मंदिर के पास कैटरिंग का काम करने वाले अरविंद पर हमला किया था।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने पहले गाली-गलौज की, फिर पत्थर से उनकी कार का कांच फोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

नशे की हालत में पहुंचा था मंदिर
परिजन के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे मुकेश शर्मा नशे की हालत में मंदिर पहुंचा। कैलाश मोदी ने उसे समझाने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया। आरोपी डंडा लेकर उनके पीछे दौड़ा। जान बचाने के लिए मोदी पास के गुरुद्वारे की ओर भागे, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल कैलाश मोदी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में आरोपी बुजुर्ग ट्रस्टी पर लगातार डंडों से हमला करता दिखाई दे रहा है।
