मध्यप्रदेश के रतलाम सर्किल जेल में बंद एक आरोपी ने फिल्मी गाने पर गैंगस्टर स्टाइल में रील बनवाई। वायरल वीडियो में कैप्शन लिखा है- ‘गैंगस्टर वाला दिमाग देकर ऊपर वाले ने शरीफ घर में पैदा कर दिया।’ वीडियो में वह गोली मारने का इशारा भी करता दिख रहा है। वीडियो जेल के मुलाकात कक्ष में रिकॉर्ड किया गया।
वीडियो जेल के मुलाकात कक्ष में रिकॉर्ड किया गया।
जेल में बंद आरोपी की पहचान बाबर खान के रूप में हुई है। स्टेशन रोड पुलिस ने 10 जुलाई की रात जानलेवा हमले के मामले में उसे 14 जुलाई को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसी दिन उसे रतलाम सर्किल जेल भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी के रिश्तेदारों ने जेल में वीडियो शूट किया।
जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा?
वीडियो वायरल होने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। कैदियों से मिलने आने वाले हर व्यक्ति का पंजीयन, पहचान पत्र और सुरक्षा जांच के बाद ही मुलाकात कक्ष में प्रवेश दिया जाता है। इसके बावजूद मोबाइल का अंदर पहुंचना जांच का विषय बन गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 17 जुलाई दोपहर करीब 12:30 बजे बाबर खान से मिलने असलम और आमिर खान नाम के दो लोग आए थे। दोनों ने खुद को आरोपी का भाई बताया था। अब जेल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज और मुलाकात रजिस्टर की जांच कर रहा है कि मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा और वीडियो किसने बनाया।
ये तस्वीरें देखिए…

रतलाम में सर्किल जेल के अंदर बंद आरोपी ने रील बनवाई


एक प्रहरी के भरोसे थी जांच व्यवस्था
जेल प्रशासन के मुताबिक, मुलाकात के समय सुरक्षा जांच के लिए केवल एक प्रहरी तैनात था, जबकि एक महिला प्रहरी पंजीयन काउंटर पर थी। रोजाना 125 से 150 लोग कैदियों से मिलने आते हैं। सभी की हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच होती है। इसके बावजूद मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद है बाबर खान
बाबर खान पर 10 जुलाई की रात शनि गली स्थित एक कलाली में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में मछली व्यवसायी अंकित कहार पर चाकू से जानलेवा हमला करने का आरोप है। हमले में अंकित गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने 14 जुलाई को बाबर खान को गिरफ्तार किया था।

VIDEO में पुलिस के दावे पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में बाबर खान उसी पैर को आसानी से उठाता दिख रहा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान फ्रैक्चर होने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय भागने की कोशिश में गिरने से उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ था। इसी वजह से उसे प्लास्टर के साथ कोर्ट में पेश किया गया था।
हालांकि, जेल उपअधीक्षक ब्रजेश मकवाने ने बताया कि जेल में दाखिल होने के बाद मेडिकल परीक्षण में पैर में फ्रैक्चर नहीं, बल्कि सामान्य चोट पाई गई थी। ठीक होने पर उसके पैर की पट्टी भी हटा दी गई थी। वायरल वीडियो के बाद पुलिस के पहले किए गए दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जेल उपअधीक्षक ब्रजेश मकवाने ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा, वीडियो किसने बनाया और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
380 क्षमता की जेल में 640 कैदी बंद
रतलाम सर्किल जेल की क्षमता 380 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां 640 कैदी बंद हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि स्टाफ, विशेषकर महिला सुरक्षा कर्मियों की कमी के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा में किसी भी चूक को गंभीरता से लिया जा रहा है।